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दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का उद्घाटन

रिपोर्ट ब्यूरो

गोरखपुर। सेंट एंड्रयूज कॉलेज गोरखपुर में इंस्टिट्यूशन इनोवेशन सेल के बैनर तले दिनांक 07-08 सितंबर 2021 तक ‘‘बायोडायवर्सिटी मेडिसिनल प्लांट्स ड्रग डिस्कवरी एंड सस्टेनेबल यूटिलाइजेशन ‘‘विषय पर दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया जा रहा है। इस अवसर पर कॉलेज के प्राचार्य रेव. प्रो. जे के लाल को फाउंडेशन फॉर इनोवेटिव साइंसेज एंड सोशियो-इकनॉमिक डेवलपमेंट, तमिलनाडु की ओर से 2020 -21 के बेस्ट प्रिंसिपल अवार्ड से सम्मानित किया गया।
उक्त संगोष्ठी के उद्घाटन सत्र में मुख्य अतिथि के रुप में पधारे दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के विज्ञान संकायाध्यक्ष प्रोफेसर शांतनु रस्तोगी ने कहा कि भारतवर्ष में विशेषकर औषधीय वनस्पतियों में जैव विविधता बहुतायता में मिलती है। पर्वतीय इलाके औषधीय वनस्पतियों से भरे हुए हैं। हमें उनके उपयोग के बारे में अनुसंधान करने की जरूरत है। विशिष्ट अतिथि के रुप में पधारे दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के जौव तकनीकी विभाग के अध्यक्ष प्रोफेसर दिनेश यादव ने कहा कि हमारा भारत हमेशा ही आयुर्वेद के क्षेत्र में अग्रणी रहा है किंतु हम अपने प्राकृतिक संपदाओं, औषधीय वनस्पतियों के प्राचीन ज्ञान को बहुत ही कम भुना पाए हैं। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे कॉलेज के प्राचार्य रेव प्रोफेसर जे के लाल ने कहा कि भारत में औषधीय वनस्पतिया बहुतायत में उपलब्ध है और स्थानीय स्तर पर हम उनका प्रयोग पारंपरिक औषधि के रूप में करते हैं। आज आवश्यकता है कि हम अपनी प्राचीन पारम्परिक ज्ञान को वैज्ञानिक आधार देते हुए विविधता से भरे हुए औषधीय पौधों की उपयोगिता को विश्व के सामने प्रस्तुत करें। राष्ट्रीय सेमिनार के आयोजन सचिव डॉ एस डोमिनिक राजकुमार ने कहा कि राष्ट्रीय संगोष्ठी औषधीय पौधों की विविधता के प्रति जागरूकता बढ़ाने तथा नवीन दवाओं के अनुसंधान के बारे में चर्चा करने के लिए हो रहा है।
उद्घाटन कार्यक्रम का आरंभ प्राचार्य ने कॉलेज डायरी से प्रार्थना पढ़कर किया। तत्पश्चात उप प्राचार्य डॉ एस डी शर्मा ने कॉलेज के इतिहास को प्रस्तुत किया। डॉ अमित मसिह ने सभी प्रतिभागियों और अतिथियों का औपचारिक स्वागत किया। समन्वयक डॉ जे0के0 पांडेय ने औपचारिक धन्यवाद ज्ञापित किया। डॉ दीपक सिंह ने आयोजन के उद्देश्य को प्रस्तुत किया। डॉ आईजक एल मैथ्यू तथा डॉ ई सी दास ने सेमिनार के थीम को बताया। डॉ0 हरिओम गुप्ता ने मुख्य अतिथि का तथा डॉ कंचन सरिता दास ने विशिष्ट अतिथि का परिचय पढ़ा। इस अवसर पर डॉ शशांक कुमार सिंह ,क्षमा त्रिपाठी ,प्रीति, हर्षिता ,अनमोल सहित महाविद्यालय के शिक्षक, शोध छात्र व एमएससी के छात्र व अन्य संस्थानों के प्रतिभागी ऑनलाइन मौजूद रहे।
प्रथम तकनीकी सत्र में प्रोफेसर दिनेश यादव ने औषधीय वनस्पतियों के इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी राइट्स के बारे में बताया। कोयंबटूर, तमिलनाडु के डॉ राजशेखरन ने तमिलनाडु में प्रचलित विभिन्न पारंपरिक औषधीय वनस्पतियों की जैव विविधता के बारे में विस्तार से बताया। तत्पश्चात कौन्झीकोड़ी, केरल की डॉ मंजू सी नायर ने ब्रायोफाइटा वनस्पतियों के जैव विविधता के बारे में बताया। थेनी ,तमिलनाडु की डॉ मजीठा बेगम ने सालेम जनपद के औषधीय पौधों के पारंपरिक ज्ञान को बताया। तत्पश्चात द्वितीय तकनीकी सत्र में सेंट जोसेफ कॉलेज त्रिची की एस बावया, कन्याकुमारी की यस शांतियो, डीसी अनुसूईया वनस्थली विद्यापीठ जयपुर की सुप्रिया जोशी, आदित्य सरिया, भावना शर्मा, सेंट जोसेफ कॉलेज फॉर वूमेन गोरखपुर की बिन्सी आइजक, सेंट एंड्रयूज कॉलेज गोरखपुर की अनामिका त्रिपाठी तथा कुमारी जागृति ने अपने शोध पत्र पढ़ें।

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