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राजर्षि टण्डन मुक्त विश्वविद्यालय कुलपति प्रोफेसर सीमा सिंह का गंगोत्री देवी महिला महाविद्यालय में हुआ स्वागत

रिपोर्ट ब्यूरो

गोरखपुर। गंगोत्री देवी महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय में उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय, प्रयागराज की कुलपति प्रोफेसर सीमा सिंह का स्वागत महाविद्यालय की प्रचार्य डॉ पूनम शुक्ला व उपप्राचार्य डॉ प्रियंका त्रिपाठी स्मृति चिन्ह व माल्यार्पण कर किया गया। इस अवसर पर ‘मुक्त शिक्षा की प्रासंगिकता:राष्ट्रीय शिक्षा नीति ,2020 के परिपेक्ष्य में’ विषयक कार्यशाला का भी आयोजन किया गया।जिसमें पूर्वांचल के विभिन्न महाविद्यालय के प्राचार्यो व समन्वयकों ने भाग लिया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि कुलपति प्रोफेसर सीमा सिंह , विशिष्ट अतिथि डीपी सिंह , परीक्षा नियंत्रक, प्रोफेसर पीपी दुबे , प्रभारी निदेशक गोरखपुर व गोरखपुर केंद्र के क्षेत्रीय समन्वय प्रवीण कुमार थें। मुख्य अतिथि कुलपति प्रोफेसर सीमा सिंह ने कहा कि रोजगारपरक शिक्षा प्रदान करने हेतु हक निरंतर प्रयत्नशील है। विश्वविद्यालय ने इसी सत्र से डिजिटल शिक्षार्थियों को गुणवत्तायुक्त एवं लिटरेसी एवं ऑस्टिम (स्वालीनता) पर प्रमाण पत्र कार्यक्रम शुरू किया है। विश्वविद्यालय पूरे प्रदेश में 12 क्षेत्रीय केंद्रों के माध्यम से 1200 अध्ययन केंद्रों पर 127 शैक्षिक कार्यक्रम संचालित कर रहा है । विश्वविद्यालय ने सभी विषयों में ऑनलाइन प्रवेश प्रारंभ किया है। प्रवेश की अंतिम तिथि 31 अक्टूबर 2021 निर्धारित की गई है तथा प्रवेश के उपरांत पाठ्य
सामग्री छात्रों के घर तक पहुंचाई जा रही है। कुलपति प्रोफेसर सिंह ने बताया कि विश्वविद्यालय ने पुरातन छात्रों को एकजुट करने के लिए एलुमनी एसोसिएशन का गठन किया है। जिसके रजिस्ट्रेशन का कार्य प्रगति पर है। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय के क्षेत्रीय केंद्रों को निजी भवन से संचालित किए जाने की योजना को साकार किया जा रहा है, जिससे विश्वविद्यालय को लाखों रुपये किराए की
बचत होगी। उन्होंने बताया कि अभी विश्वविद्यालय के प्रयागराज, लखनऊ तथा बरेली क्षेत्रीय केंद्र अपने
भवन से संचालित किए जा रहे हैं। कानपुर क्षेत्रीय केंद्र का शिलान्यास राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल के कर कमलों से हो चुका है। गोरखपुर क्षेत्रीय केंद्र के लिए सर्किट हाउस के समीप भूमि की रजिस्ट्री हो चुकी है। अयोध्या तथा वाराणसी क्षेत्रीय केंद्र के लिए भूमि की तलाश जारी है। कुलपति प्रोफेसर सिंह गोरखपुर क्षेत्रीय केंद्र के अंतर्गत आने वाले अध्ययन केंद्रों के समन्वयकों की कार्यशाला के लिए सोमवार को गोरखपुर पहुंची थीं। कुलपति प्रोफेसर सिंह ने बताया कि उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय, प्रयागराज ने गुणवत्ता सुनिश्चियन हेतु प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता एवं त्वरित कार्यवाही हेतु विश्वविद्यालय चार्टर का क्रियान्वयन किया है। प्रदेश के सभी अध्ययन केंद्र के शिक्षार्थियों के लिए विश्वविद्यालय स्तर से ऑनलाइन काउंसलिंग क्लासेज का संचालन
प्रारंभ किया गया है। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय छात्रों के पास डिग्री पहुंचाने का कार्य द्रुतगति से कर रहा है। इसके साथ ही विश्वविद्यालय ने डिजीलॉकर में 50 हजार डिग्रियों को अपलोड किया है। पारदर्शी व्यवस्था के अंतर्गत ई टेंडरिंग तथा जेम पोर्टल के माध्यम से सामग्री क्रय की व्यवस्था लागू कीगई है। कुलपति प्रोफेसर सिंह ने बताया कि विश्वविद्यालय ने पीएचडी रेगुलेशन 2018 के अंतर्गत प्रवेश कार्य प्रारंभ कर दिया है। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय से पीएचडी कार्यक्रम पूर्ण कर चुके शिक्षार्थियों की थीसिस को शोधगंगा की वेबसाइट पर अपलोड कर दिया गया है। कुलपति प्रोफेसर सिंह ने बताया कि विश्वविद्यालय की वेबसाइट को स्टूडेंट फ्रेंडली बनाया गया है। शिक्षार्थी सहायता सेवा के अंतर्गत विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर शिक्षार्थियों का कोना (स्टूडेंट कॉर्नर) निर्धारित किया गया है। जिसमें विश्वविद्यालय की हर तरह की सूचनाएं अद्यतन उपलब्ध हैं। कुलपति ने बताया कि विश्वविद्यालय ने कोरोना कॉल में ऑनलाइन शिक्षा को बढ़ावा देते हुए सभी विषयों की वीडियो क्लासेज को ऑनलाइन द्वारा किया है। लोकप्रिय विषयों की ऑडियो वीडिय
रिकॉर्डिंग का कार्य लगातार चल रहा है। विश्वविद्यालय ने महिला अध्ययन केंद्र की स्थापना करके ग्रामीण महिलाओं को स्वरोजगार के द्वारा स्वावलंबी और सशक्त बनाने के लिए अभियान चलाया है। कुलपति प्रोफेसर सीमा सिंह ने बताया कि विश्वविद्यालय के आंतरिक गुणवत्ता सुनिश्चयन प्रकोष्ठ (सी आई क्यू ए) द्वारा छात्रों की सहायता हेतु एफ ए क्यू एस पुस्तिका तैयार की गयी है। इस पुस्तिका में अक्सर पूछे जाने वाले लगभग 200 प्रश्नों को समाहित किया गया है। जिनमें कोर्स अप्रूवल से लेकर प्रवेश, स्टडी मैटेरियल, असाइनमेंट्स, काउंसलिंग, क्रेडिट सिस्टम, परीक्षा, प्रोजेक्ट कार्य
प्लेसमेंट, विश्वविद्यालय कैंपस तथा सूचना के स्रोत आदि विषयों को प्रमुखता से रखा गया है। छात्र की सुविधा के लिए इस पुस्तिका को विश्वविद्यालय की वेवसाइट डब्लू डब्लू डब्लू डॉट यूपीआरटीओ-डॉट एसी डॉट इन पर ऑनलाइन कर दिया गया है। छात्रों के मन में उठने वाले अधिकांश प्रश्नों काजवाब इस पुस्तिका में दिया गया है। यह पुस्तिका विश्वविद्यालय में प्रवेश लेने वाले प्रदेश के छात्र छात्राओं के लिए काफी लाभकारी सिद्ध होगी। कुलपति प्रोफेसर सिंह ने बताया कि विश्वविद्यालय से शैक्षिक कार्यक्रमों को पूर्ण करने के उपरांत छात्र सरकारी विभागों में सेवायोजित हो रहे हैं। प्रतिदिन कई विभागों से छात्रों के अंकपत्र सत्यापन हेतु विश्वविद्यालय को भेजे जा रहे हैं। यह विश्वविद्यालय के प्लेसमेंट सेल के लिए बहुत बड़ी उपलब्धि है। कुलपति प्रोफेसर सिंह ने बताया कि शिक्षार्थी सहायता सेवा एवं शिकायत निवारण प्रकोष्ठ का गठन कर प्रदेशभर के छात्रों का मार्गदर्शन करने के साथ ही विभिन्न शिकायतों का ऑनलाइन निस्तारण का कार्य प्रारंभ किया गया है। कुलपति प्रोफेसर सिंह ने बताया कि विश्वविद्यालय ने जेल में बंद कैदियों को मुख्यधारा में वापस लाने के लिए निःशुल्क प्रवेश की व्यवस्था की है। इसके सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं और प्रदेश की जेलों में आशा के अनुरूप कैदियों ने प्रवेश लिये हैं। कुलपति प्रोफेसर सिंह ने बताया कि विश्वविद्यालय ने कोरोना काल में ऐसे शिक्षार्थी जिनके माता-पिता एवं अभिभावक का देहावसान इस महामारी के कारण हुआ, ऐसे नवप्रवेशित शिक्षार्थियों एवं पूर्व से अध्ययनरत शिक्षार्थियों को दो सत्र हेतु निःशुल्क प्रवेश देने की व्यवस्था की है।

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