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सांस्कृतिक मंत्रालय भारत सरकार के सहयोग से पाँच दिवसीय नृत्य व गायन कार्यशाला हुई संपन्न

लखनऊ ब्यूरो

सांस्कृतिक मंत्रालय भारत सरकार के सहयोग से लखनऊ स्थित संगीत के क्षेत्र में अग्रणी स्थान रखने वाली सुर कला संगम संस्था के द्वारा आयोजित लोक नृत्य एवं गायन की पांच दिवसीय कार्यशाला 2023 रामलीला मैदान ऐशबाग के तुलसी भवन सभागार में संपन्न हुई।

कार्यक्रम का संचालन कर रहे विशाल रस्तोगी के द्वारा मंच से निवेदन करने पर कार्यक्रम के आरंभ में परंपरा के अनुसार मुख्य अतिथि आरडीएसओ लखनऊ में कार्यरत भारत सरकार रेल मंत्रालय की सूचना अधिकारी श्रीमती सुगंधा सक्सेना एवं विशिष्ट अतिथि हनुमान प्रसाद रस्तोगी गर्ल्स इंटर कॉलेज की प्रधानाचार्या डॉ. अपर्णा त्रिपाठी,सुर कला संगम संगीत विद्यालय के प्रबंधक व प्रधान शिक्षक प्रदीप कुमार तिवारी ‘सुफली सर’, उप प्रबंधक व शिक्षक अभिषेक निगम ‘गुड्डू सर, राजमणि श्रीवास्तव,अनुराग, शिवांशु व हनुमत कृपा ट्रस्ट के महासचिव अनुराग मिश्र के द्वारा सामूहिक दीप प्रज्वलन किया गया तत्पश्चात संगीत की देवी माता सरस्वती की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर उनका पूजन किया गया।

पूजन के पश्चात गीतकार,संगीतकार, लेखक,गायक व शास्त्रीय संगीत की दुनिया में अपनी एक अलग पहचान रखने वाले सुर कला संगम संगीत विद्यालय के प्रबंधक प्रदीप कुमार तिवारी ‘सुफली सर’ द्वारा मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथि का प्रतीक चिन्ह व शॉल देकर सम्मान किया गया, सम्मान पाने वालों में मुख्य रूप से राजमणि श्रीवास्तव, सुर कला संगम संगीत विद्यालय में कथक नृत्य की शिक्षिका सरिता पाल, नक्षत्र फाऊंडेशन की अध्यक्षा पूनम सैनी,राष्ट्र नमन समाचार पत्र के संपादक संजय मिश्रा प्रमुख रहे।

 

सम्मान समारोह के उपरांत सर्वप्रथम शीतल वर्मा के द्वारा गणेश वंदना से प्रथम पूज्य भगवान श्री गणेश का आह्वान किया गया, जिसके बाद उन्होंने संत कबीर का सुप्रसिद्ध भजन सो मोरे मन गा कर भजन व नृत्य के इस कार्यक्रम का आरंभ किया। उनके बाद कार्तिकेय श्रीवास्तव ‘टिल्लू’ के द्वारा शास्त्रीय संगीत पर आधारित राग काफी का छोटा ख्याल व गजल गाकर अपनी गायकी का लोहा मनवा दिया गया ।

भजनों के इस क्रम में आध्या त्रिपाठी के द्वारा देख लिया मैंने ,आकांक्षा पाल के द्वारा लोकगीत देखो सखी बोले बिन,वान्या केसरी के द्वारा ओ कान्हा, शिवांशु व आस्था वर्मा के द्वारा युगल गीत मेरे ढोलना, अंशिका के द्वारा आसरा इस जहां का, निशा एवं विशाल रस्तोगी के द्वारा भजन,नियति टंडन द्वारा भजन,प्रियांशु ने गीत व मात्र 7 वर्ष के बालक राघव रस्तोगी ने स्वयं केसीओ बजाकर आरती एवं गायत्री मंत्र का गान कर सभागार में उपस्थित जनसमूह का मन मोह लिया।

 

विद्यालय के छात्र-छात्राओं की प्रस्तुति के उपरांत सुर कला संगम संगीत विद्यालय के प्रबंधक, शिक्षक एवं जाने-माने शास्त्रीय संगीत के विद्वान व गायक प्रदीप कुमार तिवारी ‘सुफली सर’ के द्वारा सुप्रसिद्ध भजन राम रमैया राम रमैया व तराना पेश किया गया।

सबसे दिलचस्प बात यह रही कि इस भजन व तराना में सुर कला संगम संगीत विद्यालय के समस्त छात्र छात्राओं ने सामूहिक रुप से ‘सुफली सर’ के साथ कोरस के माध्यम से सहयोग कर उपस्थित दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया यहाँ तक कि मुख्य अतिथि व विशिष्ट अतिथि महोदया ने मंच पर पहुँच कर सुफली सर व उनके विद्यालय के समस्त बच्चों को इस प्रस्तुति के लिए विशेष बधाइयाँ दीं।

गायन का कार्यक्रम संपन्न होते ही खुशी,संध्या,श्री अग्रवाल व पुष्टि के द्वारा अवध में राम आये हैं भजन पर लोक नृत्य के माध्यम से सामूहिक प्रस्तुति दी गयी जिसके बाद श्री अग्रवाल ने सोलो नृत्य व मात्र 7-8 वर्ष की दो बालिकाओं सान्वी व कृति के द्वारा इत्ती सी हंसी गीत पर नृत्य पेश किया गया।

 

लोक नृत्य व गायन की इस कार्यशाला में प्रस्तुत हुए सभी भजनों पर सुर कला संगम संगीत विद्यालय में संगीत के शिक्षक व जाने-माने शास्त्रीय संगीत के विद्वान अभिषेक निगम ‘गुड्डू सर’ ने हारमोनियम, अनुराग व कृष्णा वर्मा ने तबला,ढोलक पर अक्षत मिश्र,आयुष व विराट एवं शिवांशु ने पैड पर अपनी प्रस्तुतियाँ देकर वाहवाही लूटी।

 

लोक नृत्य व गायन की कार्यशाला संपन्न होने पर सुर कला संगम संगीत विद्यालय के सभी प्रतिभागी छात्र छात्राओं को मुख्य अतिथि के द्वारा प्रतीक चिन्ह व प्रशस्ति पत्र देकर उनके उज्जवल भविष्य के लिए आशीर्वाद दिया गया।

अंत में कार्यक्रम के समापन की घोषणा एवं मुख्य व विशिष्ट अतिथि को धन्यवाद देते हुए सुफली सर ने कहा कि मैं सदैव यही कहता हूं कि हर छात्र छात्रा मेरे परिवार का अभिन्न हिस्सा है,मैं यही चाहता हूं और हमेशा इसी प्रयास में रहता हूं कि जो कला परमात्मा ने मेरे अंदर दी है वह हर कला मैं अपने हर छात्र छात्राओं को प्रदान कर सकूं और यही मेरे जीवन का उद्देश्य भी है।

उन्होंने कहा कि सुर कला संगम मात्र एक विद्यालय नहीं बल्कि ये मेरा परिवार है और आज के इस कार्यक्रम को सफल बनाने में भी मेरे परिवार के सभी बच्चों ने बहुत ही लगन के साथ सहयोग किया जिनमें विशेष रूप से कृष्णा वर्मा,अक्षत मिश्र,पलक,आकांक्षा पाल, सोनिया व महिमा का विशेष योगदान है,इनके साथ ही सुर कला संगम संस्था परिवार के सदस्य अभिषेक निगम ‘गुड्डू सर’,अनुराग मिश्र, शीतल वर्मा,अनुराग,शिवांशु, गायत्री ने भी आयोजन की सफलता के लिए कोई कोर कसर नहीं छोड़ी,इसके अलावा के.के. साउंड सर्विस व प्रशांत सक्सेना का भी विशेष सहयोग मिला जिसका परिणाम है कि आज आप सबके सामने सुर कला संगम संगीत विद्यालय के छात्र छात्रायें अपनी मनमोहक प्रस्तुतियाँ दे पाये।

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