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छठ महापर्व की तैयारिया जोरो शोरो पर, जिलाधिकारी देवरिया खुद तैयारियों का कर रहे है मुआयना

रिपोर्ट:-फ़िरोज़ खान

एंकर:- देवरिया आस्था के महा पर्व छठ को लेकर लोगो का उत्साह देखते ही बनता है। जहाँ महिलाएं अपनो के साथ खरीदारी में जी जान से जुट गई है। वह चाहती है कि कि इस आस्था के पवित्र महापर्व पर खरीददारी में कोई कोर कसर ना रह जाए।जिसमे पति भी बढ़ चढ़ कर हिस्सा ले रहे है।क्योंकि उनको पता है कि मेरी अर्धागिनी 36 घंटे निर्जला व्रत रख रही है।इस लिए सारी तैयारियों को खुद अपने कंधे पर उठा रखा है। लोगो का रेला बाजार में उमड़ पड़ा है।दुकानों पर काफी भीड़ देखी जा रही है।जमकर खरीददारी से दुकानदारों के भी चेहरे खिल उठे है।

वीओ 1 :-देवरिया में तैयारियों की सारी निगरानी खुद जिलाधिकारी जितेंद्र सिंह कर रहे है।जिन जिन घाटों पर छठ पूजा की जाएगी उन उन घाटों की तैयारियों का जायजा खुद वहां जाकर ले रहे है।कही से भी कोई कोर कसर ना रह जाए इसके लिए अपने माहतमो को आवश्यक दिशा निर्देश दे रहे है

वीओ 2:-लोग छठ बेदी को बनाने में जुट गए है।छठ बेदी की रंगाई पोताई बड़े ही तेजी से कर रहे है चारो तरफ हर्षोउल्लास का माहौल है।जहाँ छठ बेदी को अपने अपने पसंद के रंगों से रंग रहे है वही खुखुन्दू ग्राम प्रधान प्रतिनिधि जयराम प्रसाद ने नही पहल करते हुए देश प्रेम की एक अनूठी पहल की है।सारी छठ बेदियो को राष्ट्रीय तिरंगे का रूप दिया गया है जिसको देख कर लोग आनन्दित हो रहे है।और चारो तरफ इनके इस कार्य की तारीफ कर रहे है।

वीओ 3 :-छठ पूजा बिहार में मनाया जाने वाला एक मुख्य और प्रसिद्ध त्यौहार है जो अब उत्तरप्रदेश के पूर्वी इलाके से लेकर भारत के अन्य स्थानों पर भी मनाया जाने लगा है। एक कथा है कि असुरों से हारने के बाद माता अदिति को छठी माँ की आराधना से एक तेजस्वी पुत्र हुआ। वह पुत्र भगवान आदित्य थे जिन्होंने असुरों को पराजित किया और देवताओं की विजय हुई, तब से छठ/डाला छठ पर्व मनाया जा रहा है
भारत के उत्तरी राज्यों में मनाए जाने वाले प्रमुख त्योहारों में छठ का पर्व एक विशेष महत्व रखता है।

इस दिन लोग छठी माता की पूजा करते हैं जिन्हें हम माता कात्यायनी के नाम से भी पुकारते हैं।
छठ पूजा का मुख्य व्रत हिन्दी कैलेंडर के कार्तिक महीने की शुक्लपक्ष की षष्ठी तिथि को मनाया जाता है।
छठ पूजा का पर्व भारतीय संस्कृति का हिस्सा है जो वैदिक काल से मनाया जा रहा है।
छठ पूजा में माताएं अपने बच्चों के लिए 3 दिन का उपवास रखती हैं जिसमे 36 घंटो का निर्जला व्रत रहता है।
षष्ठी पूजा में फल, मिठाई और ठेकुआ या खस्ता नामक मुख्य प्रसाद चढ़ाया जाता है।
छठ पूजा में मूर्ति पूजा न करके सूर्य, प्रकृति आदि की पूजा ऋग्वेद में लिखित आर्य परंपरा के अनुसार किया जाता है।
छठ पूजा भारत के उत्तरी राज्य बिहार के वैदिक आर्य संस्कृति का एक मुख्य हिस्सा है।

छठ/डाला छठ पूजा का महापर्व फिजी, मॉरीशस और टोबैगो आदि देशों में भी बड़े श्रद्धा से मनाया जाता है

बाईट:-जेपी मद्धेशिया अध्यक्ष नगरपंचायत सलेमपुर

बाईट:-जयराम प्रसाद प्रधान प्रतिनिधि खुखुन्दू

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