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दिनेश गुप्ता

देवरिया। जनपद न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष धनेन्द्र प्रताप सिंह तथा प्राधिकरण की सचिव श्रीमती अर्चना के कुशल मार्गदर्शन में अंतरराष्ट्रीय वृद्ध दिवस के अवसर पर एक विशेष पहल की गई। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण देवरिया के निर्देश पर पुरवा स्थित वृद्धाश्रम में एक दिवसीय विधिक जागरूकता एवं साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया।
शिविर में मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित डॉ. शशिधर मिश्र ने वृद्धजनों को उनके मौलिक और संवैधानिक अधिकारों के प्रति जागरूक किया। उन्होंने बुजुर्गों को सम्मान के साथ जीने के अधिकार की महत्ता समझाते हुए भोजन, सुरक्षित आवास और समुचित चिकित्सा से संबंधित विभिन्न कानूनी संरक्षणों की विस्तृत जानकारियां दीं। डॉ. मिश्र ने कहा कि कानून बुजुर्गों के अधिकारों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
निःशुल्क विधिक सहायता और बाल अधिकारों पर भी चर्चा
शिविर के दौरान उपस्थित लोगों को विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम, 1987 की धारा 12 के तहत मिलने वाली निःशुल्क कानूनी सहायता के बारे में बताया गया, जिसके अंतर्गत महिलाएं, बच्चे, अनुसूचित जाति जनजाति के लोग और औद्योगिक श्रमिक मुफ्त कानूनी मदद प्राप्त कर सकते हैं। इसके साथ ही बाल अधिकारों के प्रति समाज को सचेत करने के उद्देश्य से पॉक्सो (POCSO) अधिनियम, बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, बाल श्रम निषेध तथा शिक्षा का अधिकार (RTE) जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी विस्तार से जानकारी साझा की गई।
इस मौके पर समाज में विधिक चेतना फैलाने में सक्रिय भूमिका निभाने वाले पैरा लीगल वॉलंटियर (PLV) गुरु शरण पांडे मुख्य रूप से उपस्थित रहे। शिविर में वृद्धाश्रम के आवासियों सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे, जिन्होंने इस सत्र का भरपूर लाभ उठाया।