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रिवाजपुर आंदोलन को मिला भारतीय किसान यूनियन के भानु का समर्थन

 

फरीदाबाद से बी.आर.मुराद की रिपोर्ट

फरीदाबाद:रिवाजपुर में प्रस्तावित डंपिंग यार्ड के विरोध को आज एक महीना पूरा हो गया। इस आंदोलन को लेकर भारतीय किसान यूनियन संघ भानु का समर्थन प्राप्त हुआ। गौरतलब है कि भारतीय किसान यूनियन ने कृषि कानूनों के खिलाफ हुए किसान आंदोलन में अग्रणी भूमिका निभायी थी।
डम्पिंग यार्ड स्थल पर आयोजित एक महापंचायत में आज हजारों ग्रामवासियों ने कूड़ा घर का विरोध किया और सरकार को चेतावनी दी कि सभी 16 गांव एकजुट होकर हरियाणा सरकार और केंद्रीय मंत्री कृष्ण पाल गुर्जर का भारी विरोध करने के लिए लगातार 2024 तक बैठने के लिए तैयार हैं। भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय महासचिव किरणपाल ठाकुर ने मंच से इस आंदोलन को अपना पूर्ण समर्थन देने की घोषणा की।

उन्होंने कहा कि उनका संगठन जल,जंगल ,जमीन,गंगा और यमुना को बचाने के लिए प्रतिबद्ध है और इस क्षेत्र की जनता के साथ कंधे से कन्धा मिलाकर आंदोलन को मजबूत करने के लिए तैयार है। उनका कहना था कि रिवाजपुर और आसपास के गांवों में बनने वाले कूड़ा घर का दुष्प्रभाव केवल फरीदाबाद तक नहीं बल्कि इस क्षेत्र से लगते हुए नोएडा के इलाकों को भी प्रभावित करेगा। गाजीपुर, बंधवाड़ी और अलीपुर इत्यादि स्थानों पर बने कूड़ाघर का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि यह कूड़े का ढेर नहीं बल्कि नरक का ढेर बनाने की सरकार की तयारी है जिसमे आसपास के सभी गांवों और शहरवासियों को जुड़ना चाहिए। अपने वक्तव्य में आंदोलनकारियों ने बताया कि प्रशासन अपने हिस्से का काम भी जनता से करवाना चाहता है।

वैकल्पिक जमीन ग्रामवासियों ने ढूंढ दी है परन्तु अब प्रशासन दबाव बना रहा है कि वहां के संभावित विरोध को रोकने का काम भी 16 गांवों की सरदारी करे। मंच का संचालन कर रहे सेव फरीदाबाद के अध्यक्ष पारस भारद्वाज व ललित चौहान सरपंच ने कहा कि रिवाजपुर में डम्पिंगयार्ड बनाने के आदेश देने से पहले सरकार या प्रशासन ने इस क्षेत्र की जनता से कौनसा कोई मश्वरा किया था जो अब वैक्लपिक स्थान पर जनता की सहमति बनवाने पर सरकार जोर दे रही है। संघर्ष समिति के अध्यक्ष नाहर सिंह चौहान ने कहा कि जनता के पाले में गेंद डालकर प्रशासन भोले भाले किसानों को शब्दों के मायाजाल में फसाना चाहता है। परन्तु वह किसी कीमत पर अपने क्षेत्र में कूड़ाघर बनने नहीं देंगे।

गांव भूपानी से कुसुम भाटी,गांव महावतपुर से कंवर सिंह व गांव ददसिया से कुलदीप त्यागी ने इसे महिलाओं का आंदोलन बताते हुए कहा कि हमारे क्षेत्र की मातृ शक्ति चिलचिलाती धूप यहां एक महीने से बैठी है परन्तु जनप्रतिनिधियों के कान पर जू तक नहीं रेंग रही। आज की पंचायत से यह अंदाजा लगाया जा रहा है कि अब रिवाजपुर आंदोलन व्यापक स्तर पर फैलेगा जो कि मौजूदा भाजपा सरकार के विधायकों और मंत्रियों के लिए सिरदर्द का कारण बन सकता है।
आज मुख्य रूप से माला चौहान, लाडो ठाकुर,बिंदु,रोहताश चौधरी, जसराम,उदयवीर,ममता तिवारी(भाकियू),गब्बर चौहान(भाकियू) ओम शांति से दीदी प्रकाश‌ व अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

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