Breaking News
IMG 20220318 194346

होली में चित्रकार की याद पुरानी अनुभूतियों को कर देती है जिंदा

Ibn24×7news
सिसवा बाजार-महराजगज
चिता जल जाती है मगर राख बनी रहती है ,इंसान चले जाते हैं पर उनकी याद बनी रहती है।जी हाँ होली का त्योहार हो और आरके चित्रकार याद न आये ऐसा असम्भव लगता है क्योंकि यह नाम हिन्दू- मुस्लिम एकता का एक मिशाल है।

बताते चलें कि आरके चित्रकार का असली नाम आले अब्बास नकवी था लेकिन होली को इन्होनें साम्प्रदायिक सौहार्द का मिशाल बना दिया था ।एक सप्ताह पहले से ही होली की हुड़दंग होती थी और नगर के लोग इस हुड़दंग का इंतजार भी करते थे और यथा शक्ति सहयोग भी करते थे।वैसे तो आले अब्बास नकवी जिन्हे लोग आरके चित्रकार के नाम से जानते थे मूलतः गंगा माँ के पवित्र नगर प्रयाग के निवासी थे और सिसवा में 1975 में आये जो यहां राजकमल बीड़ी कंपनी के प्रचार के लिए बैनर लिखने के साथ ही श्रीरामजानकी मंदिर रोड़ पर दुकान खोल पेंटर का काम करते रहे लेकिन यहाँ की होली अब आरके चित्रकार के हुड़ंदंग के बिना अधूरी लगती है, इनकी कमी आज भी लेागों का महसूस होती है।
होली के एक सप्ताह पहले ही हास्य व्यंग से भरी व होली पर व्यंग वाली शादी की पंप्लेट छपवा कर लोगों को बांटते थे। नगर के सम्भ्रांत लोगों पर एक से बढ़ कर एक व्यंग लिखा करते थे और लोग पढ़ कर मस्ती करते जिसका व्यंग छपा होता वह भी मस्ती करता, तो वही हर शाम नये-नये ढ़ंग से हुड़दंग की होली होती थी जो नगर में घूमती थी और लोग मजा लेते थे।सामाजिक एकता के प्रतीक रहे स्व0 नकवी वर्ष 2010 में अस्वस्थ होने के कारण होली की ठिठोली से दूर हो अपने गृहनगर प्रयागराज चले गए जहां कुछ समय बाद उनका देहान्त हो गया। आज सिसवा नगर पालिका परिषद के लिए एक विनोदमयी उस व्यक्ति की कमी का एहसास सभी को होता है जो दुख के समय भी लोगों को हंसाने में माहिर थे, वाकई ऐसी प्रतिभाएं उस सर्व शक्तिमान के विशेष आशीर्वाद स्वरुप ही इस धरा पर अवतरित होती हैं।रिपोर्ट फणीन्द्र कुमार मिश्र

About IBN NEWS MAHARAJGANJ

Check Also

IMG 20260808 WA0003

सोनवर्षा पुल के पास आस्था इंटरप्राइजेज मोबाइल शोरूम का भव्य उद्घाटन

पूर्व राज्यसभा सांसद रामसकल ने फीता काटकर किया शुभारंभ, अतिथियों का पुष्पगुच्छ व अंगवस्त्र भेंटकर …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *