Ibn news Team DEORIA
रिपोर्ट सुभाष यादव


खुखुन्दू, देवरिया। पावन सावन मास में मठिया धाम, खुखुन्दू में आयोजित श्री शिव महापुराण कथा के सप्तम दिवस श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। कथा व्यास पं. राघवेन्द्र शास्त्री जी ने भगवान शिव की महिमा का वर्णन करते हुए श्रद्धालुओं को धर्म, सत्य और संस्कार का संदेश दिया।
शास्त्री जी ने कहा कि भगवान शिव को त्रिपुरारी के नाम से भी जाना जाता है। उन्होंने त्रिपुरासुर की कथा का वर्णन करते हुए बताया कि तारकासुर के तीन पुत्र—तारकाक्ष, विद्युन्माली और कमलाक्ष—ने ब्रह्मा जी से वरदान प्राप्त किया था। इन तीनों ने अपने पराक्रम के बल पर संसार में अत्याचार बढ़ा दिया था। अंततः भगवान शिव ने इन तीनों का संहार कर संसार में सत्य और धर्म की स्थापना की।
कथा के दौरान शास्त्री जी ने भगवान श्री गणेश जी के जन्म एवं उनकी महिमा का भी विस्तार से वर्णन किया। उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति अपने माता-पिता और गुरु का सम्मान एवं अनुसरण करता है, वही वास्तव में बुद्धिमान और संस्कारी होता है। माता-पिता और गुरु के प्रति श्रद्धा रखने वाला व्यक्ति ही जीवन में सच्चे अर्थों में पूजनीय बनता है।
उन्होंने श्रद्धालुओं से भगवान शिव, माता पार्वती और श्री गणेश के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने तथा सत्य, धर्म और संस्कार के मार्ग पर चलने का आह्वान किया।
कथा के दौरान भजन-कीर्तन और धार्मिक प्रसंगों से पूरा मठिया धाम भक्तिमय वातावरण में सराबोर रहा। इस अवसर पर क्षेत्र के अनेक सम्मानित नागरिक, श्रद्धालु एवं भक्तगण उपस्थित रहे।