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रिपोर्ट सुभाष यादव
शिव महापुराण कथा के अष्टम दिवस पर द्वादश ज्योतिर्लिंग की महिमा का किया गया विस्तार से वर्णन, आज कथा का विश्राम दिवस
खुखुन्दू, देवरिया। सावन के पावन महीने में मठिया धाम खुखुन्दू, देवरिया में आयोजित श्री शिव महापुराण कथा के अष्टम दिवस पर कथा व्यास पं. राघवेन्द्र शास्त्री जी ने श्रद्धालुओं को द्वादश ज्योतिर्लिंगों की महिमा का विस्तार से वर्णन सुनाया। कथा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भगवान शिव की कथा का श्रवण कर आध्यात्मिक लाभ प्राप्त किया।
शास्त्री जी ने कहा कि ज्योतिर्लिंग केवल धार्मिक आस्था के केंद्र नहीं हैं, बल्कि भारत की संस्कृति, सनातन परंपरा और आध्यात्मिक एकता के महत्वपूर्ण सूत्र हैं। ज्योतिर्लिंग का अर्थ प्रकाश का स्तंभ है। भगवान शिव के इन पवित्र स्वरूपों का स्मरण और दर्शन श्रद्धालुओं के लिए विशेष पुण्यदायी माना गया है।
उन्होंने द्वादश ज्योतिर्लिंगों की महिमा बताते हुए सोमनाथ, मल्लिकार्जुन, महाकालेश्वर, ओंकारेश्वर, केदारनाथ, भीमाशंकर, काशी विश्वनाथ, वैद्यनाथ, त्र्यंबकेश्वर, नागेश्वर, रामेश्वर और घृष्णेश्वर ज्योतिर्लिंगों का विस्तार से वर्णन किया।
कथा व्यास ने कहा कि भगवान शिव का स्मरण मनुष्य के जीवन में आध्यात्मिक चेतना और सकारात्मकता का संचार करता है। श्रद्धा और भक्ति के साथ भगवान शिव का नाम लेने से मन को शांति प्राप्त होती है तथा सनातन धर्म में इसे पापों से मुक्ति और मोक्ष की प्राप्ति का मार्ग बताया गया है।
कथा के दौरान मठिया धाम का वातावरण हर-हर महादेव और जय भोलेनाथ के जयकारों से गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने भक्ति भाव से शिव महापुराण कथा का श्रवण किया।
कल होगा हवन-पूजन एवं विशाल भंडारा
आयोजकों के अनुसार आज शिव महापुराण कथा का विश्राम दिवस है। कथा के समापन के बाद कल हवन-पूजन एवं भंडारे का आयोजन किया जाएगा। आयोजकों ने क्षेत्रवासियों एवं श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर हवन-पूजन एवं भंडारे में शामिल होने की अपील की है
