मवई, अयोध्या: भारत सरकार के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, वनस्पति संरक्षण, संगरोध एवं संग्रह निदेशालय के अंतर्गत लखनऊ स्थित क्षेत्रीय केंद्रीय एकीकृत नाशीजीव प्रबंधन केंद्र (आईपीएम) के प्रभारी एवं संयुक्त निदेशक डॉ. ज्ञान प्रकाश सिंह के मार्गदर्शन में मवई विकास खंड के किसानों के लिए ‘किसान खेत दिवस’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
यह कार्यक्रम ग्राम संडवा, रजनपुरवा और कुंदरा में गन्ने और गेहूं की फसल में लगने वाले कीट और रोगों के एकीकृत प्रबंधन (आईपीएम) पर केंद्रित था। पिछले दो महीनों से आयोजित किसान खेत पाठशाला कार्यक्रम का समापन किसान खेत दिवस के रूप में किया गया।
विशेषज्ञों के सुझाव:
- श्री शैलेश कुमार, वनस्पति संरक्षण अधिकारी, ने किसानों को आगामी खरीफ मौसम में भी आईपीएम तकनीकों को अपनाने की सलाह दी।
- ट्राईकोडर्मा के माध्यम से बीज और भूमि शोधन की आवश्यकता को रेखांकित किया गया।
- गंधपाश और प्रकाश प्रपंच जैसे जैविक नियंत्रण उपायों की उपयोगिता पर भी जोर दिया गया।
कार्यक्रम का संचालन: कार्यक्रम का संचालन सहायक वनस्पति संरक्षण अधिकारी डॉ. केशव मूर्ति, श्री संदीप कुमार मौर्य और श्री आलोक दुबे ने किया। उन्होंने किसानों को फसल सुरक्षा तकनीकों की विस्तृत जानकारी दी।
उपस्थित गणमान्य: गांव के प्रमुखों सहित सुश्री शवीना खातून, विकास यादव, अजीमुद्दीन खान, अवधेश कुमार यादव, शीला यादव और अन्य प्रशिक्षु किसान इस कार्यक्रम में शामिल हुए।
किसान खेत दिवस के माध्यम से किसानों को जैविक और तकनीकी दृष्टि से सक्षम बनाने का प्रयास किया गया, जिससे वे अपनी फसलों की सुरक्षा सुनिश्चित कर सकें।