रिपोर्ट:- अंकुर त्रिपाठी, जिला संवाददाता, इटावा
इटावा: उत्तर प्रदेश के सामाजिक वानिकी प्रभाग बिजनौर के चांदपुर रेंज के ग्राम लतीफपुर में 17 मार्च को दो गुलदार (तेंदुआ) शावक एक खेत में ग्रामीणों को मिले, जिन्हें मादा गुलदार द्वारा छोड़ दिया गया था। इन शावकों को उनकी मां से मिलाने का प्रयास लगातार किया गया, लेकिन मां द्वारा उन्हें स्वीकार न करने के कारण प्रधान मुख्य वन संरक्षक, वन्यजीव, उत्तर प्रदेश के निर्देश पर इन्हें इटावा सफारी पार्क लाया गया।
सफारी पार्क में पहुंचने के बाद वन्यजीव चिकित्सकों द्वारा दोनों शावकों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। रिपोर्ट के अनुसार, दोनों नर शावकों की उम्र लगभग 24 दिन है और मादा द्वारा छोड़े जाने के कारण वे कमजोर हैं। फिलहाल उनकी स्थिति नाजुक है और उनकी निरंतर देखभाल पशु चिकित्सकों की टीम द्वारा की जा रही है।
गौरतलब है कि बीते दिनों जनपद इटावा के चकरनगर क्षेत्र में भी एक स्कूल से एक गुलदार शावक को रेस्क्यू कर सफारी पार्क में लाया गया था, जो अब पूर्णतया स्वस्थ है और पर्याप्त मात्रा में आहार ग्रहण कर रहा है।
इसके साथ ही, 16 मार्च को सफारी पार्क की शेरनी नीरजा ने तीन शावकों को जन्म दिया था। तीसरा शावक, जो प्रारंभ में कम मात्रा में दूध पी रहा था, अब पर्याप्त मात्रा में दूध पी रहा है। सफारी पार्क के वन्यजीव चिकित्सक डॉ. रोबिन सिंह यादव, डॉ. शैलेन्द्र सिंह और पशुपालन विभाग के डॉ. आर.के. सिंह द्वारा इन वन्यजीवों की लगातार निगरानी की जा रही है।
वन विभाग द्वारा इन शावकों की देखभाल में किसी भी प्रकार की कमी नहीं बरती जा रही है और इनके स्वास्थ्य में सुधार के लिए विशेष ध्यान दिया जा रहा है।