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महाराजगंज
शिव मंदिर के प्रांगण में आयोजित प्रख्यात विद्वान प० प्रकाश चंद हिन्दू ने जीवन में खुश रहने के नुस्खे बताएं। उन्होंने बताया कि वर्तमान समय में विश्व परीक्षाओं के दौर से गुजर रहा है तथा हवाएं भी विपरीत दिशा में चल रही है ऐसे दौर में अध्यात्म ही मनुष्य के जीवन को खुशमय बना सकता है।
इस कोरोना कॉल में व्यापारियों का व्यवसाय व लोगों ने नौकरियां गवा दी, अब समय आ गया है कि पुरानी बातों को भूल कर नए अवसरों को हम देखें।खुश रहने का सबसे बड़ा मंत्र संसाधनों को क्षमा भाव से क्षमा मांगना व क्षमा दान है क्योंकि संबंधों में प्रेम ही है जो अपना आकार छोड़कर क्षमा मांगने का कार्य करता है। अपने हित में सबके लिए शुभ भावनाओं से मन में खुशी भर दे वही धन्य है।सबका कल्याण हो ,सब सुखी सुखी रहे व स्वस्थ मेडिटेशन के द्वारा क्षमा भाव का मंत्र सबके हृदय में रहे जिसमें साधकों को अनुभव हो कि रिश्तो पर जमी बर्फ पिघल गई, गांठे खुल गयी व निस्वार्थ प्यार की भावना सबके अंदर जागृत हो गई। रिपोर्ट फणीन्द्र कुमार मिश्र