फरीदाबाद से बी.आर.मुराद की रिपोर्ट
फरीदाबाद:मखजनुल उलूम रजिस्टर्ड जामा मस्जिद ऊंचा गांव में सर्दी के मौसम को मद्देनजर रखते हुए जरूरतमंद और मुस्तहक व्यक्तियों में रजाइयां कंबल और गर्म कपड़ों के वितरण का एक बाअदब और फलाही कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला जमीयत उलमा फरीदाबाद के सदर मौलाना जमालुद्दीन ने फरमाई।
इस अवसर पर जिला जमीयत उलमा फरीदाबाद ने इलाके में मुस्तहक और बेसहारा व्यक्तियों की तलाश करके बिना किसी धार्मिक या सामुदायिक भेदभाव के उनकी मदद की। इस फलाही मुहिम की सरपरस्ती इलाके की प्रसिद्ध और सम्मानित शख्सियत चौधरी प्रेम सिंह आधाना ने की।कार्यक्रम में मेहमान-ए-खुसूसी के रूप में मनोज कुमार (एस.एच.ओ.)और सब-इंस्पेक्टर मनोज(थाना आदर्श नगर, बल्लभगढ़,फरीदाबाद) की गरिमामय उपस्थिति ने समारोह की अहमियत को और बढ़ा दिया।
कार्यक्रम की निज़ाम प्रसिद्ध आलिम-ए-दीन हजरत मौलाना मोहम्मद आबिद नदवी एडवोकेट इमाम ईदगाह सेक्टर-6 फरीदाबाद ने अंजाम दी। इस अवसर पर खिताब करते हुए मौलाना जमालुद्दीन(सदर,जिला जमीयत उलमा फरीदाबाद) ने कहा कि जमीयत उलमा हिंद एक ऐसी हमागीर और फलाही तंजीम है,जिसका हर कार्यकर्ता बिना किसी भेदभाव के मजलूम, बेसहारा और ज़रूरतमंद इंसानों की खिदमत को अपना फर्ज समझता है।
हजरत मौलाना सैयद अरशद मदनी मद्दजिल्लहुल आली की हिदायतात पर जमीयत उलमा फरीदाबाद ने न सिर्फ जिले में,बल्कि पंजाब और हिमाचल प्रदेश के जरूरतमंदों की मदद के लिए भी भरपूर सहयोग किया है।उन्होंने आगे कहा कि सर्दी के इस मौसम में हिंदू और मुस्लिम सभी ज़रूरतमंदों की तलाश करके रजाइयां और गर्म कपड़े वितरित करना,दरअसल जमीयत उलमा हिंद के इंसानी खिदमत के मिशन को आगे बढ़ाने का एक अमली कदम है। इस अवसर पर डॉ.शयाम बीर सिंह ने कहा कि मौलाना जमालुद्दीन लगातार खिदमत-ए-खल्क में लगे रहते हैं और सबसे क़ाबिल-ए-तारीफ़ बात यह है कि वे धर्म,जाति और बिरादरी से ऊपर उठकर हिंदू,मुस्लिम,सिख और ईसाई सभी की समान रूप से मदद करते हैं।
सर्दी के मौसम में जरूरतमंदों की मदद करना एक निहायत नेक और काबिल-ए-सताइश अमल है।वहीं नरसिंह आधाना ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि ऊंचा गांव हमेशा से अमन,शांति और सद्भाव के लिए जाना जाता है,और इसमें मौलाना जमालुद्दीन की अहम भूमिका रही है। यहां लंबे समय से एकता और भाईचारे का माहौल कायम है।
इस फलाही कार्यक्रम में जिला जमीयत उलमा फरीदाबाद के नाजिम-ए-आला मौलाना मोहम्मद शाहिद बड़खल पूर्व नाजिम-ए-आला मौलाना इनामुल-हसन क़ासमी भाई जावेद बल्लभगढ़ (अध्यक्ष,आजाद समाज पार्टी)मौलाना मोहम्मद असलम, हाफिज मोहम्मद सऊद (आलमपुर) मस्जिद कमेटी के सदर शेर ख़ान मलिक,बाबू खान सिद्दीकी,बाबू ख़ान मलिक, मकसूद साहब (रिटायर्ड आर्मी) इलियास मलिक चौधरी, फखरुद्दीन शाह,रफीक खान,सतीश अधाना और सूरज सिंह अधाना सहित बड़ी संख्या में गणमान्य व्यक्ति और स्थानीय निवासी मौजूद रहे।