ब्यूरो रिपोर्ट विकाश चन्द्र अग्रहरी IBN NEWS मिर्ज़ापुर
विधायक का 5 वर्ष कार्यकाल समाप्त होने की कगार पर नहीं हुआ गांव का विकास
हलिया वर्ष 1971 भारत-पाक युद्ध के दौरान भारतीय सैनिकों ने अपने अदम्य साहस का परिचय देकर पाकिस्तानी सैनिकों के दांत खट्टे कर दिए थे 14 दिन तक चले युद्ध में शहीद हुए हलिया ब्लाक के पटेरा गांव निवासी केसरी सिंह की वीरता आज भी नजीर के रूप में याद की जाती है यह युद्ध में पाकिस्तानी सेना ने घुटने टेक दिए थे और 16 दिसंबर को भारत ने विजय श्री प्राप्त कर ली थी युद्ध के बाद बांग्लादेश के रूप में एक नए राष्ट्र का उदय हुआ राष्ट्र के लिए प्राणों की आहुति देने वालों में वीर केसरी सिंह का नाम इतिहास के पन्नों में स्वर्णिम अक्षरों में अंकित है.
लेकिन मिर्जापुर की सांसद अनुप्रिया पटेल के द्वारा तमाम घोषणाएं इनकी शहादत में की गई थी लेकिन सब हवा-हवाई रह गया कुछ भी गांव में नहीं हुआ जिसको लेकर ग्रामीणों में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं कि मिर्जापुर के सांसद ने भरे मंच पर ऐलान किया था कि बिलरा पटेहरा गांव को शहीद केसरी सिंह के नाम से जाना जाएगा आज तक वह भी नहीं हुआ विधायक के द्वारा खुले मंच पर कहा गया था कि शहीद केसरी सिंह के नाम से गांव में जाने वाले रास्ते पर गेट बनवाया जाएगा.
वह भी हवा हवाई साबित हुआ शहीद केसरी सिंह के प्रांगण में बाउंड्री का शिलान्यास करके विधायक गए लेकिन आजतक बाउंड्री में काम नहीं लगा और शहीद केसरी सिंह के प्रांगण में बने मूर्ति के ऊपर छावनी के लिए पंचायत विभाग से कार्य मिला था जो कि शहीद परिवार के द्वारा ग्राम प्रधान ने कह कर बनवाया लेकिन उसमें भी ₹100000 की धनराशि सहित परिवार को दिया गया बाकी धनरास ग्राम विकास अधिकारी के द्वारा बताया गया कि अब इससे ज्यादा धनरास नहीं मिल पाएगा पोर्टल बंद हो गया है यही हाल क्षेत्रीय विधायक का है .
उसके साथ ही साथ शहीद के गांव में आज तक कोई विकास छलकता नहीं दिखाई दे रहा है बल्कि गांव की स्थिति बिगड़ती जा रही है ग्रामीणों ने बताया कि आज तक ग्राम पंचायत बिलरा पटेहरा में कोई भी विधायक निधि का कार्य नहीं हुआ है सिर्फ जो भी रहा हवा हवाई रहा आने वाले चुनाव में इसका परिणाम सामने देखने को मिलेगा
शहीद केसरी सिंह की पत्नी छोटी कुंवर ने बताया कि शहीद केसरी सिंह की मूर्ति वर्तमान जिला अधिकारी के द्वारा अर्पित की गई थी उसके बाद जनप्रतिनिधियों के द्वारा कोई भी सुविधा नहीं मिला
ग्रामीणों ने बताया कि 2017 में बनाई स्मारक पुत्रवधू योग्ता सिंह के प्रयास से जिला प्रशासन द्वारा वर्ष 2017 में घर के बगल में शहीद केसरी सिंह की प्रतिमा स्थापित कर शहीद स्मारक बनाया गया बाद में ब्लॉक प्रशासन ने प्रतिमा स्थल पर छतरी का निर्माण कराया वह 2017 से प्रतिवर्ष पटेरा में 9 दिसंबर को शहीद स्मारक स्थल पर शहादत दिवस मनाया जाता है