फरीदाबाद से बी.आर.मुराद की रिपोर्ट
फरीदाबाद:बाटा पुल के पास नगर निगम द्वारा तोडफोड़ की कार्यवाही करने पहुंचे तोडफोड दल के समतक्ष मंगलवार को जिला कांग्रेस कमेटी के जिलाध्यक्ष बलजीत कौशिक अड गए और तोडफोड दस्ते को वापिस बैरंग ही लौटना पडा।
इस दौरान कांग्रेस जिलाध्यक्ष बलजीत कौशिक व तोडफोड अधिकारियों के बीच जमकर बहस हुई,लेकिन बलजीत कौशिक गरीबों के आशियाने तोडने के विरोध में अडे रहे। इस दौरान भारी पुलिस बल भी तैनात रहा। दरसल में मंगलवार को नगर निगम की टीम अतिक्रमण हटाने के लिए बाटा पुल के नीचे पहुंच गई और अतिक्रमण को हटाना शुरू कर दिया।
मामले की सूचना मिलते ही जिला कांग्रेस अध्यक्ष बलजीत कौशिक ने अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंच गए और अधिकारियों से तोडफोड रोकने का आग्रह किया। इस दौरान गरीबों ने कांग्रेस जिलाध्यक्ष के समक्ष अपना दुखड़ा रोया। उन्होंने कहा कि हमे बिना किसी सूचना के यहां से हटाया जा रहा है। हम बेघर होकर कहां जाएंगे।
इसपर जिलाध्यक्ष बलजीत कौशिक ने तोडफोड का विरोध किया और पीड़ितों को समय देने की मांग की लेकिन नगर निगम के तोडफोड अधिकारी नहीं माने जिससे कांग्रेस जिलाध्यक्ष भड़क गए और तोडफोड अधिकारियों को जमकर लताडा। जिसके बाद बलजीत कौशिक व निगम अधिकारियों के बीच काफी ताना-तानी हो गई। मामला अधिक बढ़ता देख,मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारियों ने दोनों पक्षों को समझा-बुझाकर मामला शांत करवाया।
जिसके बाद निगम प्रशासन ने पीड़ित दुकानदारों को समय दे दिया तथा तोडफोड कार्यवाही टल गई। इस मौके पर जिला कांग्रेस अध्यक्ष बलजीत कौशिक ने कहा कि अभी हाल ही में यहां अग्नि कांड से एक तो पीड़ित दुकानदारों का लाखों रूपए का नुकसान हुआ है।
ऊपर से प्रशासन दुखों पर दवा लगाने की बजाय उन्हें वहां से हटाने के लिए पहुंच गया है। यह कहा की इंसानियत है। भाजपा सरकार को चाहिए कि गरीब व पीड़ित दुकानदारों को मुआवजा दें और रोजगार के लिए जगह भी उपलब्ध करवाए। ताकि पीड़ित दुकानदार अपना और परिवार का भरण पोषण कर सकें।