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होम्योपैथ में है सभी बीमारियों का इलाज गठिया व नसों से जुड़े मरीजों के लिए लगा होम्योपैथी चिकित्सा शिविर

 

रिपोर्ट ब्यूरो

 

गोरखपुर। गठिया, नसों, असाध्य व मौसमी रोगों से पीड़ितों का होम्योपैथी विधि से उपचार के लिए शुक्रवार को तारामंडल क्षेत्र के भगत चौराहा, कैलाशपुरी कालोनी में निःशुल्क चिकित्सा शिविर का आयोजन किया गया। सुबह 10 बजे से शाम चार बजे तक चलने वाले शिविर में वरिष्ठ होम्योपैथ चिकित्सकों ने दो सौ से ज्यादा मरीजों का परीक्षण कर परामर्श दिया। शिविर में खून की कई महत्वपूर्ण जांचें भी की गईं।
शहीद राजा हरि प्रसाद मल्ल राजकीय होम्योपैथी कालेज बड़हलगंज के असिस्टेंट प्रोफेसर डा. वीके उपाध्याय ने बताया कि मौसम में बदलाव के कारण इन दिनों टोमेटो फ्लू से मिलता-जुलता हैंड, फुट व माउथ
डिजीज तेजी से फैल रहा है। दो से 10 साल तक की उम्र के बच्चे की इसकी चपेट में आ रहे हैं। इस रोग का सबसे अच्छा इलाज होम्योपैथ में है। मौसमी बीमारियों से बचाव की दवा पहले ले लेने से कोई दिक्कत ही नहीं होती है। कोरोना संक्रमण के समय होम्योपैथ ने असंख्य लोगों को स्वस्थ रखा। जिन लोगों ने नियमित दवाओं का सेवन किया वह संक्रमित भी नहीं हुए।
होम्योपैथ में आटो इम्यून बीमारियों को जड़ से खत्म करने की क्षमता है। इस बीमारी में शरीर का इम्यून सिस्टम स्वस्थ कोशिकाओं पर हमला करता है। इस कारण रूमेटाइड आर्थराइटिस, सीलिएक डिजीज, सोजोग्रेन सिंड्रोम, एंकिलॉजिंग स्पॉन्डिलाइटिस, एलोपेसिया आदि हो जाती है। ऑस्टियोआर्थराइटिस, ऑस्टियोपोरोसिस, गठिया जैसी गंभीर बीमारियां भी ठीक हो जाती हैं। इन बीमारियों के कारण लोगों का चलना-फिरना दूभर हो जाता है। महिलाओं में मासिक धर्म यानी पीरियड्स से जुड़ी समस्या इलाज के कुछ ही दिनों में पूरी तरह ठीक हो जाती है।
डा. वीके उपाध्याय ने कहा कि मानसिक रोगों का सबसे अच्छा इलाज होम्योपैथ में है। मानसिक रोगी के लक्षण को समझ कर इलाज किया जाता है। होम्योपैथ की दवाएं मरीजों की मानसिक स्थिति को उनकी जाग्रत अवस्था में ठीक करता है जबकि अंग्रेजी दवा मरीज को नींद में ले आती हैं। इससे मरीज और शिथिल हो जाता है। मानसिक बीमारियां व्यक्ति के विचारों, भावनाओं, व्यवहार या मनोदशा पर नकारात्मक असर डालती हैं। इनमें ऑटिज्म, बाइपोलर डिसऑर्डर, डिप्रेशन आदि बीमारियां शामिल हैं।
पाइल्स, गैस, काेलेस्ट्राल, शुगर, ब्लड प्रेशर, हाथ-पैर में दर्द, रीढ़ की हड्डी से जुड़ी समस्याओं का कुछ दवाओं से इलाज हो जाता है।
इससे पहले मुख्य अतिथि दवा विक्रेता समिति के उपाध्यक्ष राजेश तुलस्यान ने शिविर का शुभारंभ किया। इस दौरान डॉ. अंगद उपाध्याय, डॉ. अनुपमा मिश्रा, डॉ. सूर्यकांत मिश्र, डॉ. अर्चना पांडेय, विजय उपाध्याय, अरुण उपाध्याय, अजय उपाध्याय, अभय उपाध्याय, सत्यम तिवारी, अवधेश पटेल, राजेश पांडेय, ज्ञानप्रकाश पांडेय, वेदप्रकाश पांडेय, पूजा उपाध्याय, अहान उपाध्याय, अरुण उपाध्याय, आदि उपाध्याय, राम कुमार पाठक, विनोद मिश्र, अनंत मिश्र आदि मौजूद रहे।

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