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उत्तर प्रदेश : श्रावस्ती प्राकृतिक सौंदर्य का संगम है धर्म स्थली शक्तिपीठ जगपति मंदिर राप्ती बैराज |

स्पेशल रिपोर्ट :- IBN NEWS पंडित अनूप मिश्रा

श्रावस्ती जनपद के ब्लाक जमुनहा अन्तर्गत भिनगा जंगल स्थित राप्ती बैराज के तट पर शक्तिपीठ मां जगपति मंदिर अपने आप में एक मनोरम छटा बिखेरती है जहां प्रतिदिन हजारों श्रद्धालुओं का आवागमन बना रहता है | यहां दर्शन करने से न केवल प्रकृति के नजदीक पायेंगे, बल्कि तमाम ऐसे चमात्कार भी सुनने और देखने को मिल जायेंगे,जो हम किताबों और कल्पनाओ में देखते और सुनते आ रहे  है | माता के आशीर्वाद की आकांछा न केवल भारती़य हिन्दु ही प्राप्त करने आते है, बल्कि विदेशी हिन्दु खासकर नेपाल से भी दर्शन करने के लिए आते है और माता रानी का आशीर्वाद प्राप्त करके अपनी झोली भरके घर वापस जाते है|

पहाड़ी बाबा ने की थी मंदिर की स्थापना

माता के मंदिर के महंत व महाराज कु़मारी रीता गिरि उर्फ पटटू जी बताती है कि सैकड़ो वर्ष पुराना यह माता के मंदिर की स्थापना श्री श्री 108 श्री स्वामी दयाल गिरि उर्फ पहाड़ी बाबा ने की थी| बाबा  का अन्तकाल 7 फरवरी 2011को हो चूका था और इसी दौरान बाबा की प्यारी गाय ऩंदनी ने भी बाबा के साथ स्वर्ग लोक सिधार गई|

इंडो-नेपाल  सीमा के पास मे स्थित मंदिर

मंदिर की सारी जिम्मेदारी निर्बाहन कर रही 14 वर्ष से कुमारी रीता गिरि का कहना है कि जो भक्त सच्चे भाव से मां का दर्शन करता है और अपनी पीड़ा ब्यक्त करता है, तो उसकी सारी पीड़ा मॉ हर लेती है| यह मंदिर फिलहाल इंडो -नेपाल  सीमा के पास मे स्थित है यहां पर चैत राम नवमी,कुवांर नवरात्रि,कर्तिक पूर्णिका और गुरू जी की जीवन पर आधाररित ,सात फरवरी पर विशेष मेला लगता है यहां पर दूरदराज से लोग माता का आशीर्बाद लेने आते है|

गुरूजी 205 वर्ष जीवित रहे

बताया जाता है कि गुरूजी 205वर्ष जीवित रहे| इसमें से बाबा सौ वर्ष तक फला हारी रहे है|महाराज जी को सबसे बड़ी पीड़ा देवी पाटन मंदिर के महंत व वर्तमान में सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ की सरकार में हुई है वह कहती है कि योगी जी की सरकार गंगा,गाय और राम पर है ,बावजूद न गंगा की गंदगी खत्म हो रही है और न गायों के अच्चे दिन आये राम मंदिर पर  टिप्पडी करना.ही गलत है क़योंकि यह सब जनता जानती है|

महाराज की उम्र 24वर्ष

महाराज जी का कहना है कि सैकड़ों वर्ष पुराने मंदिर को मंदिर टृस्ट में यहां की भूमि काे कराना आवश्यक हो गई है और हम सब इसके लिए मांग करते रहे है किन्तु किसी ने हमारी परेशानी को गम्भीरता से नही लिया और आस्था पर कुठाराधात किया है| बताते चले कि वर्तमान महंत कुमारी रीता गिरि को स्वर्गीय स्वामी दयाल गिरि जी महाराज ने बचपन से ही अपने साथ दो वर्ष की थी तब से रख लिया था और तभी से वर्तमान महाराज मंदिर की देखभाल बखूबी संभाली रखी है और वर्तमान महाराज की उम्र अभी मात्र 24 वर्ष ही है|

यह मान्यता

उनका कहना है कि मलमास में जो माता का दर्शन नही करता है, उसको पूर्ण फल प्राप्त नही हो सकता है| क्योंकि माता रानी ही शिव है और शिव ही माता रानी है, इसीलिए भगवान शिव इकेश्वरवाद माने जाते रहे| वही शिव है और वही जगजननी जगत माता है| वह कहती है कि धर्म पर विस्तृत जानकारी सूबे के मुख्यमंत्री से बेहत्तर कौन जान सकता है|

विशेष …..

प्रकृति, धर्म और संस्कृति का संगम है मां जगपति मंदिर . पंडित अनूप मिश्रा

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