धनतेरस पर्व से लगातार चार दिन तक जगत जननी मां अन्नपूर्णा के स्वर्णमयी प्रतिमा का दर्शन श्रद्धालुओं को मिलेगा। रविवार आधी रात के बाद मंदिर के महंत रामेश्वर पुरी मां के विग्रह का षोडशोपचार पूजन व मंगला आरती करेंगे । भोर में दरबार का पट भक्तों के लिए खोल दिया जायेगा। यह क्रम अन्नकूट की रात 11 बजे तक चलता रहेंगा। इसके स्वर्णमयी प्रतिमा का महाआरती कर मंदिर का पट पुन: एक साल के लिए बंद हो जायेगा। मां अन्नपूर्णा का यह मंदिर पूरे देश में इकलौता है जहां धनतेरस से अन्नकूट तक मां का खजाना बांटा जाता है। मंदिर से मिले सिक्के और धान के लावा को लोग श्रद्धाभाव से अपने तिजोरी और पूजा स्थल पर रखते हैं। मान्यता है कि ऐसा करने से पूरे वर्ष धन और अन्न की कमी नहीं होती।
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