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देश के प्रथम शिक्षा मंत्री महान स्वतंत्रता सेनानी भारत रत्न मौलाना अबुल कलाम आजाद की 134 जयंती के अवसर पर आज मदरसा गौसिया मिहीपुरवा के हाल में उनकी याद में एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया | जिसमें मदरसे के प्राचार्य इसरार अहमद इदरीसी के नेतृत्व में मदरसा स्टाफ एवं बच्चों ने मिलकर देश के प्रथम शिक्षामंत्री भारत रत्न मौलाना अबुल कलाम आजाद के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर खिराजे अकीदत पेश किया |
इस मौके पर मदरसे के प्राचार्य इसरार अहमद इदरीसी ने श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि आज 11 नवम्बर के अवसर पर हम सब मौलाना अबुल कलाम आजाद और उन अनगिनत स्वतन्त्रता सेनानियों एवं शहीदों को कृतज्ञता के साथ याद करते हैं जिन्होंने हमारी आज़ादी के लिए अपना सब कुछ न्यौछावर कर दिया। उन्होंने कहा कि मौलाना आजाद की जयंती के अवसर पर हर साल 11 नवंबर को राष्ट्रीय शिक्षा दिवस मनाया जाता है. यह दिन मौलाना अबुल कलाम आजाद की विरासत का सम्मान करने के लिए समर्पित है. आजाद भारत के पहले केंद्रीय शिक्षा मंत्री मौलाना अबुल कलाम आजाद ने 1947 से 1958 तक स्वतंत्र भारत के शिक्षा मंत्री के रूप में कार्य किया | एक शिक्षाविद्, पत्रकार, स्वतंत्रता सेनानी और राजनीतिज्ञ, मौलाना अबुल कलाम आजाद ने भारत की शिक्षा संरचना को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई | मौलाना अबुल कलाम आजाद कहते थे कि हमारे सपने विचारों में और विचारों का परिणाम कर्मों में होता है | मौलाना अबुल कलाम आजाद ने देश में शिक्षा के ढांचे में सुधार का सपना देखा था और उन्होंने इसे पूरा करने का प्रयास किया
उन्होंने बताया कि मौलाना आजाद ने ग्यारह वर्षों तक राष्ट्र की शिक्षा नीति का मार्गदर्शन किया। मौलाना आज़ाद को ही ‘भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान’ अर्थात ‘आई.आई.टी.’ और ‘विश्वविद्यालय अनुदान आयोग’ की स्थापना का श्रेय है। उन्होंने शिक्षा और संस्कृति को विकसित करने के लिए संगीत नाटक अकादमी, साहित्य अकादमी, ललितकला अकादमी जैसे उत्कृष्ट संस्थानों की स्थापना की।
तथा केंद्रीय सलाहकार शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष होने पर सरकार से सार्वभौमिक प्राथमिक शिक्षा, 14 वर्ष तक की आयु के सभी बच्चों के लिए निःशुल्क और अनिवार्य शिक्षा, कन्याओं की शिक्षा, व्यावसायिक प्रशिक्षण, कृषि शिक्षा और तकनीकी शिक्षा जैसे सुधारों की वकालत की।
सहायक अध्यापक इरफान खां ने महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि मौलाना अबुल कलाम आजाद को उनकी जयंती पर हम उनके द्वारा दिखाये गए मार्ग एवं उनके मूल्यों पर चलने की प्रतिबद्धता व्यक्त करते हैं | कु० इरम जहाँ ने कहा कि हम उन तमाम शहीदों को नमन करते हैं जिन्होंने देश के लिये कुर्बानी दी। कु० आफरीन खान ने कहा कि यह देश उनकी सेवा और बलिदान के प्रति सदा आभारी रहेगा। इस मौके पर मु्ल्क की खुशहाली तथा तरक्की एवं अमन चैन के लिये दुआ भी की गयी |
इस अवसर पर मदरसे के प्राचार्य इसरार अहमद इदरीसी, शिक्षक इरफान खां, कारी रजब अली, हाफिज अनवर रजा, कु० इरम जहाँ, कु० आफरीन खान, कु० सादिका, रेशमा बेगम एवं बच्चे मौजूद रहे |