मीरजापुर। रामायणम् समिति अहरौरा नगर के सत्यानगंज मोहल्ले में स्थित राधा कृष्ण मंदिर (स्थल) में आयोजित श्रीराम कथा के पहले दिन कथावाचक आचार्य शांतनु जी महाराज ने अपने मुखारविंद से कहा इस पृतपक्ष पक्ष में कथा से हम तो तरते ही है लेकिन हमारे सौ कुलो को भी तारता है, राम चरित मानस मानस नहीं वह मानसरोवर रूपी अविरल गंगा है। और इसमें गोता लगा लिया तो भव से बेड़ा पार होते विलंब नहीं कथा कैसे श्रवण करना चाहिए वहा विभिषण से जाकर कोई पुंछे कथा के चार चरण है इन चार चरणों में अर्थ धर्म काम और मोक्ष की प्राप्ति होती है।
इस अवसर पर रामायणम् समिति कमलेश केशरी, हनुमान दास जायसवाल, संजय मौर्या, सिद्धार्थ अग्रहरि, विजय अग्रहरि, दिनेश मोदनवाल और अध्यक्ष दिग्विजय सिंह, महामंत्री जितेंद्र अग्रहरी, ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह, शिवदर्शन सिंह, डॉ. शरद चन्द्र श्रीवास्तव, रिंकू श्रीवास्तव, अमन कक्कड़, शिखर सिंह, अभय प्रताप सिंह, त्रिलोकी केशरी, संदीप पांडेय, रिंकू मोदनवाल, बादल पाण्डेय, उदय अग्रहरि के साथ सैकड़ो रामभक्त रहे।