फरीदाबाद से बी.आर. मुराद की रिपोर्ट
फरीदाबाद: श्री गुरु सिंह सभा फरीदाबाद न.5 में हुए चुनाव में संगत ने सरदार हरिंदर सिंह माटा को अपना नया मुख्य सेवादार (प्रधान) चुन लिया है। चुनाव में कुल दो उम्मीदवार – सरदार हरिंदर सिंह माटा और सरदार गुरमीत सिंह नन्नी – मैदान में थे। मतदान के दौरान सरदार हरिंदर सिंह माटा को 30 वोट प्राप्त हुए, जबकि सरदार गुरमीत सिंह नन्नी को 21 वोट मिले। बहुमत से जीत मिलने पर संगत ने जयकारों के साथ सरदार माटा का फूल-मालाओं से स्वागत करते हुए उन्हें प्रधान पद की सेवा का सम्मान सौंपा।
नई जिम्मेदारी मिलने पर सरदार हरिंदर सिंह माटा ने संगत और गुरु महाराज का धन्यवाद व्यक्त किया। उन्होंने भावुक शब्दों में कहा कि यह गुरु महाराज की कृपा और संगत के आशीर्वाद से संभव हो सका है। उन्होंने बताया कि वह लगातार 21 दिन तक जोड़ा घर में संगत जोड़ो की सेवा पूरी निष्ठा के साथ कर चुके हैं और अब गुरु की मेहर से प्रधान पद की जिम्मेदारी संभालेंगे।
गुरु साहिब की सेवा को बताया सबसे बड़ा सम्मान
सरदार माटा ने कहा कि संगत की सेवा ही उनका प्रमुख उद्देश्य है और वह गुरु कृपा में रहते हुए हर जरूरतमंद की सहायता करेंगे। उन्होंने कहा कि मुख्य सेवादार होना केवल एक पद नहीं, बल्कि यह सेवा का मार्ग है और संगत की भलाई के लिए वह हमेशा तत्पर रहेंगे। उनकी जीत पर संगत के सभी सदस्यों ने हर्ष व्यक्त किया और गुरुद्वारा परिसर में लंगर वितरित किया गया।
संगत में खुशी की लहर
चुनाव परिणाम घोषित होते ही गुरुद्वारा साहिब में “जो बोले सो निहाल… सच्चे अकाल” की गूंज सुनाई दी। संगत के सदस्यों ने कहा कि सरदार माटा सेवा-भाव, साधगी और समर्पण के लिए जाने जाते हैं तथा उनके नेतृत्व में सभा को एक नई दिशा मिलेगी।
स्थानीय संगत और युवाओं ने कहा कि उनका चयन बहुत उपयुक्त है क्योंकि वह लंबे समय से गुरुद्वारे में विभिन्न सेवाओं में सक्रिय भूमिका निभाते आ रहे हैं।
सेवा भाव को रखा सर्वोपरि
सरदार हरिंदर सिंह माटा ने यह भी कहा कि यह पद उनके लिए सम्मान के साथ-साथ एक बड़ी जिम्मेदारी भी है और वह इसे गुरु साहिब की सेवा मानकर निभाएंगे। उन्होंने संगत से आशीर्वाद और सहयोग मांगा ताकि वह सभी सेवाओं को सही ढंग से निभा सकें।
उन्होंने विशेष रूप से गुरु महाराज का धन्यवाद करते हुए कहा कि उनकी दया से ही उन्हें यह अवसर प्राप्त हुआ है।
स्थानीय समाज में सकारात्मक प्रतिक्रिया
फरीदाबाद के सिख समाज में सरदार माटा के प्रधान चुने जाने पर सकारात्मक माहौल देखने को मिला। कई समाजसेवी, युवा संगठनों और गुरुद्वारा समिति के पूर्व पदाधिकारियों ने उन्हें बधाई देते हुए बताया कि उनकी कार्यशैली पारदर्शी है और वह हमेशा संगत के हित में निर्णय लेते हैं।