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महारानी अवंतीबाई लोधी जन्मोत्सव समारोह फरीदाबाद

अमर बलिदानी वीरांगना महारानी अवंतीबाई लोधी का 195वां जन्मोत्सव फरीदाबाद में धूमधाम से मनाया गया

फरीदाबाद से बी.आर. मुराद की रिपोर्ट

फरीदाबाद: अमर शहीद वीरांगना महारानी अवंतीबाई लोधी का 195वां जन्मोत्सव समारोह एनआईटी फरीदाबाद स्थित महारानी अवंतीबाई लोधी चौक पर लोधी राजपूत जनकल्याण समिति रजि. फरीदाबाद द्वारा पूरे हर्षोल्लास और राष्ट्रभक्ति के भाव से मनाया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता भूपसिंह लोधी ने की, जबकि मुख्य अतिथि प्रदेश की पूर्व शिक्षा मंत्री सीमा त्रिखा रहीं। विशिष्ट अतिथि के रूप में पूर्व विधायक नगेंद्र भड़ाना उपस्थित रहे।

कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन और माल्यार्पण के साथ हुई। इस अवसर पर सुरेश पाठक, सचिन तंवर अधिवक्ता, विजय पाल सिंह लोधी, लाखन सिंह लोधी, रूप सिंह लोधी सहित अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने वीरांगना महारानी को श्रद्धासुमन अर्पित किए। समिति सदस्यों ने अतिथियों का स्वागत फूल-मालाओं और स्मृति चिन्ह भेंट कर किया। कार्यक्रम स्थल पर पौधारोपण किया गया और उपस्थित जनों में मिष्ठान वितरण भी हुआ।

महारानी अवंतीबाई की गौरवशाली गाथा

संस्थापक महासचिव लाखन सिंह लोधी ने वीरांगना महारानी अवंतीबाई लोधी के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उनका जन्म 16 अगस्त 1831 को मध्यप्रदेश के मनकेड़ी में जागीरदार राव जुझारू सिंह लोधी के घर हुआ था। इनका विवाह रामगढ़ (मण्डला) के युवराज विक्रमाजीत सिंह लोधी से हुआ। महारानी अवंतीबाई के दो पुत्र अमान सिंह और शेर सिंह थे। वर्ष 1857 के भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में उन्होंने विद्रोह का नेतृत्व करते हुए अंग्रेजों के खिलाफ क्रांति का बिगुल फूंका।

उन्होंने जागीरदारों, मालगुजारों और सरदारों को एकजुट करने हेतु पत्र व चूड़ियाँ भेजीं और अंग्रेजी हुकूमत को कड़े संघर्ष की चुनौती दी। उन्होंने कैप्टन वाडिंग्टन, लैफ्टिनेंट काकवार्न, वार्टन और रीवा नरेश की अंग्रेजी सेनाओं के साथ कई युद्ध लड़े। अंततः 20 मार्च 1858 को कैप्टन वाडिंग्टन की सेना से युद्ध करते हुए उन्होंने राष्ट्र के लिए आत्मबलिदान दिया। उनकी वीरता और बलिदान आज भी देशभक्तों के लिए प्रेरणा स्रोत है।

समाज में एकता और स्वाभिमान का संदेश

भूपसिंह लोधी ने अपने अध्यक्षीय भाषण में कहा कि महारानी अवंतीबाई लोधी केवल लोधी समाज की नहीं बल्कि पूरे देश की वीर नारियों में अग्रणी थीं। उनके साहस और बलिदान को जानना और आगे की पीढ़ी को बताना हमारा कर्तव्य है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन समाज को एकजुट करने और नई पीढ़ी में आत्मसम्मान की भावना बढ़ाने का कार्य करते हैं।

पूर्व शिक्षा मंत्री सीमा त्रिखा ने अपने संबोधन में कहा कि वीरांगना महारानी अवंतीबाई लोधी ने स्त्री शक्ति का अद्भुत उदाहरण प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि समाज में बेटियों को उनके जैसे ऐतिहासिक आदर्शों से प्रेरणा लेनी चाहिए। कार्यक्रम में मौजूद सभी वक्ताओं ने महारानी के योगदान को नमन किया और समिति द्वारा आयोजित इस आयोजन की प्रशंसा की।

सामाजिक एकजुटता की मिसाल

इस कार्यक्रम में धर्मपाल सिंह लोधी, होती लाल लोधी, मनोज बालियान, वरिष्ठ समाजसेवी सुनील यादव, गीता शर्मा मंडल अध्यक्ष, दिनेश राघव, राजेश कुमार लोधी, विजेंद्र शास्त्री, तेजस्वनी आर्य, नरेश यादव, दिगपाल सिंह लोधी समेत सैकड़ों लोग उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के अंत में सभी लोगों ने एक स्वर में वीरांगना महारानी अवंतीबाई लोधी के आदर्शों पर चलने एवं समाज में एकता, राष्ट्रभक्ति और सेवा की भावना को बढ़ाने का संकल्प लिया।

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