फरीदाबाद: रयान इंटरनेशनल स्कूल, फरीदाबाद में दादा-दादी दिवस बड़े ही उत्साह और सम्मान के साथ मनाया गया। इस आयोजन का उद्देश्य बच्चों के जीवन में दादा-दादी के महत्व, उनके मार्गदर्शन और अनुभव को सम्मानित करना था।
प्रभु की प्रार्थना और आध्यात्मिक शुरुआत
कार्यक्रम की शुरुआत प्रभु की प्रार्थना से हुई, जिससे पूरे आयोजन को सकारात्मकता और आशीर्वाद मिला। इसके बाद बाइबल पाठ प्रस्तुत किया गया, जिसने वातावरण को और अधिक आध्यात्मिक बना दिया। स्तुति और आराधना के मधुर सुरों ने कार्यक्रम में शांति और भक्ति का भाव भर दिया।
बच्चों की प्रस्तुतियां बनी आकर्षण का केंद्र
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कक्षा II के छात्र ने स्वागत भाषण देकर सभी मेहमानों का गर्मजोशी से अभिनंदन किया।
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इसके बाद छात्रों द्वारा प्रस्तुत सुंदर स्वागत नृत्य ने सबका मन मोह लिया।
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मॉन्टेसरी वर्ग के छोटे बच्चों ने टॉय बैंड की प्रस्तुति दी, जिसने पूरे समारोह में खुशियां और उत्साह बिखेर दिया।
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इसके अतिरिक्त छोटे-छोटे बच्चों ने अपनी मासूमियत और ऊर्जा से भरपूर नृत्य प्रस्तुतियां दीं, जिन्हें देखकर दादा-दादी भावुक और प्रसन्न हो उठे।
दादा-दादियों की विशेष भागीदारी
उत्सव की भावना को जीवंत बनाए रखने के लिए विद्यालय ने दादा-दादियों के लिए कई खेलों का आयोजन किया।
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उनकी उत्साही भागीदारी ने पूरे माहौल को आनंदमय बना दिया।
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खेलों के बाद विजेताओं को पुरस्कार भी प्रदान किए गए।
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इसके अलावा, अंताक्षरी प्रतियोगिता आयोजित की गई जिसमें दादा-दादियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और सबको हंसी और उल्लास से भर दिया।
प्रेरणादायक संदेश और आशीर्वाद
विद्यालय की प्राचार्या पीया शर्मा ने अपने संबोधन में दादा-दादियों के अमूल्य योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा कि दादा-दादी बच्चों में संस्कार, परंपरा और नैतिक मूल्यों की नींव रखते हैं।
उन्होंने छात्रों को हमेशा अपने दादा-दादियों से प्रेम, सम्मान और देखभाल करने की प्रेरणा दी। उनके प्रेरणादायी शब्दों ने पूरे समारोह को और भी ऊर्जावान और भावनात्मक बना दिया।
स्वास्थ्य जांच शिविर – एक सराहनीय पहल
इस अवसर पर विद्यालय ने मेट्रो हॉस्पिटल के सहयोग से स्वास्थ्य जांच शिविर का भी आयोजन किया।
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यह सुविधा अभिभावकों, दादा-दादियों और विद्यालय के स्टाफ के लिए उपलब्ध कराई गई।
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इस पहल ने स्वास्थ्य और कल्याण के महत्व को और भी स्पष्ट किया।
समापन गीत ने बांधा माहौल
समारोह का समापन स्कूल सॉन्ग और एंथम के मधुर गायन से हुआ, जिसने सभी उपस्थित लोगों को एकता और अपनापन का गहरा अनुभव कराया।
यादगार बना दादा-दादी दिवस
यह दिन सचमुच प्यार, हंसी, उल्लास और कृतज्ञता से भरा रहा। आयोजन ने सभी को यह याद दिलाया कि दादा-दादी जीवन को संवारने में एक महत्वपूर्ण आधारस्तंभ हैं।