भोजपुरी साहित्य के प्रसिद्ध नाटककार व भोजपुरी लोकमत के अनुसार सूरदास कहे जाने वाले स्व. भिखारी ठाकुर की पूर्व संध्या के पुण्यतिथि पर आयोजित बैठक में उत्तर प्रदेश संगीत नाटक अकादमी के लोकप्रिय व गरिमामयी सदस्य अमित अंजन ने श्रद्धांजलि देते हुए स्व. भिखारी ठाकुर के जीवन पर विस्तृत प्रकाश डाला।
इस बारे में उन्होंने बताया कि भिखारी ठाकुर जी छपरा जिला के कुतुबपुर गांव के रहने वाले थे जो लोक मनोरंजन हेतु नाटक मंडली चलाते थे तथा अपने साथ -साथ आस- पास के गांव के कलाकारों को एकत्रित कर विहंगम प्रस्तुति करते थे हालांकि बिना पढ़े लिखे भिखारी ठाकुर जी पर माँ सरस्वती की बड़ी कृपा थी उनकी हर रचनाएँ बड़ी सामयिक वह प्रेरणादायक हुआ करती थी क्योंकि समाज के कुरीतियों पर प्रहार करना उनके रचनाओं की सहज प्रमुखता थी।बाल विवाह व दहेज प्रथा आदि कुरीतियों पर बड़ी सहजता से अपनी बातों को कह देने का अद्भुत हुनर भिखारी ठाकुर जी मे कूट कूट कर भरा हुआ था। उनकी प्रमुख रचनाओं में ”विदेशिया” जिस पर फिल्म भी बनी है और “बेटी बेचवा” नाटक में बाल विवाह व दहेज प्रथा को बड़े मार्मिक संवेदना के साथ उन्होंने प्रस्तुत किया था। अमित अंजन ने आगे बताते हुए कहा की पिछले 1 साल से वह भिखारी ठाकुर जी के बारे में अध्ययन कर रहे है तथा अध्ययन के उसी क्रम में उनके मार्मिक नाटक “बेटी बेचवा” को वीडियो के रूप में गा के प्रस्तुत करने का कार्य किया है तथा साथ ही साथ भोजपुरी से अश्लीलता को मिटाने का संकल्प लिया हैl इस कार्यक्रम के दौरान भाजपा नेता मदन राजभर जी, हियुवा नेता मनीष शर्मा, धर्मनाथ खरवार ,नवीन सिंह जी, गायक पंकज सोनी जी, भजन गायक उमा जैसवाल जी व समाज सेवी कृष्णा अग्रवाल जी उपस्थित रहे।
फणीन्द्र कुमार मिश्र की रिपोर्ट