बी.आर. मुराद की रिपोर्ट | फरीदाबाद
हरियाणा राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष रेणु भाटिया ने सोमवार को फरीदाबाद के सेक्टर-12 स्थित लघु सचिवालय में महिला मामलों की जन सुनवाई आयोजित की। इस दौरान फरीदाबाद, पलवल और नूंह जिलों से जुड़े अनेक प्रकरणों की सुनवाई की गई और तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
सुनवाई में 47 मामले दर्ज:
रेणु भाटिया ने बताया कि इस जन सुनवाई के दौरान महिलाओं से संबंधित 47 केस पुलिस विभाग द्वारा प्रस्तुत किए गए, जिनमें से अधिकतर मामलों का मौके पर ही समाधान कर दिया गया। साथ ही 9 नए मामलों को भी पंजीकृत किया गया, जिनमें से कुछ को आगे विचार हेतु सुरक्षित रखा गया है।
पुलिस को दिए सख्त निर्देश:
महिला आयोग की अध्यक्ष ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि,
“अगर किसी महिला के दस्तावेज़ जैसे आधार कार्ड, पासपोर्ट या अन्य जरूरी सरकारी कागजात जब्त हों, तो सबसे पहले उनकी रिकवरी कराई जाए।”
उन्होंने कहा कि वह पहले खुद मामले का अध्ययन करती हैं, फिर संबंधित थाने के अधिकारियों से चर्चा कर पीड़िता को बुलाकर समाधान कराती हैं।
दोनों पक्षों को बैठाकर सुलझाया जाता है मामला:
रेणु भाटिया ने बताया कि आयोग का प्रयास रहता है कि सभी पक्षों को आमने-सामने बैठाकर वार्ता के जरिए निष्पक्ष समाधान किया जाए। यदि कोई पुलिस अधिकारी महिला मामलों को लेकर लापरवाही करता है, तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
विशेष मामलों में लिए गए निर्णय:
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एक महिला ने बताया कि उसकी चार बेटियाँ हैं और पति ने दूसरी शादी कर ली है। इस पर आयोग ने बच्चियों की परवरिश के लिए पिता से मानदेय वसूलने के आदेश दिए।
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एक मेडिकल अधिकारी, जो विवाहित होने के बावजूद लिव-इन रिलेशन में रह रहा था, उस पर नियम अनुसार निलंबन (सस्पेंशन) के आदेश दिए गए।
गुरुग्राम यौन उत्पीड़न मामला:
रेणु भाटिया ने मीडिया को बताया कि गुरुग्राम के एक निजी अस्पताल में भर्ती महिला के साथ यौन उत्पीड़न की घटना पर वह लगातार नजर बनाए हुए हैं और जल्द ही आरोपी को पकड़ कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
उपस्थित अधिकारी:
इस मौके पर जिला कार्यक्रम अधिकारी मीनाक्षी चौधरी, बाल विवाह निषेध अधिकारी हेमा कौशिक, सभी महिला थानों की एसएचओ और अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद थे।