अमन सिंह पटना
पटना में सड़क से लेकर घर के बाहर और अपार्टमेंट में घुसकर चेन स्नेचिंग की वारदात कर शातिर पुलिस को खुली चुनौती दे रहे है। शातिरों को पुलिस गिरफ्तार भी कर रही है, लेकिन इनकी संख्या का आकलन भी पुलिस नहीं कर पा रही है। पुलिस की जांच में यह बात सामने आई कि जितनी भी वारदात हो रही है उसमें 80 फीसद मामलों में शातिरों ने स्पोट्र्स बाइक का इस्तेमाल किया है। ऐसे में सभी थाने स्पोटर््स बाइक का नंबर दर्ज कर उनका सत्यापन कर रही है। हाल के दिनों में सत्यापन में आठ से अधिक बाइक का नंबर फर्जी पाया गया है।
पीछा करने के बजाए संदिग्ध की रेकी कर रही पुलिस
कोतवाली पुलिस को एक दर्जन संदिग्ध नंबर मिले हैं। पुलिस इनकी जांच कर रही है। एक पुलिस अधिकारी बताते है कि अपराधी ज्यादातर वारदात में पल्सर और अपाचे बाइक का इस्तेमाल करते थे। अब इससे भी आधुनिक बाइक का इस्तेमाल किया जा रहा है। ये चंद सेकेंड में रफ्तार पकड़ लेती है। दुर्घटना की आशंका के चलते पुलिस इनका पीछा नहीं करती। इसकी जगह पुलिस चौक चौराहों पर ऐसी बाइक का नंबर नोट कर रही है और फिर उसका डिटेल निकाल रही है। ।
हाल ही में पुनाईचक में चेन स्नेचिंग के दौरान ठेकेदार को गोली मारकर जख्मी करने के मामले में पुलिस ने दो लुटेरों को गिरफ्तार किया। इनके पास से स्पोट्र्स बाइक मिली है। इसकी वजह से पुलिस लुटेरों तक आसानी से पहुंच गई। पत्रकारनगर थाने की पुलिस ने भी हाल के दिनों में ऐसी चार बाइक जब्त की थी। ये अन्य जिलों से चोरी की गई थी और उससे शराब की तस्करी हो रही थी। बाइक का नंबर भी दूसरे के नाम पर था, जिनको इस बात की भनक तक नहीं थी।