मीरजापुर। मीरजापुर की प्रतिभावान शटलर प्रांजलि शर्मा जल्द ही एक ऐतिहासिक पल की साक्षी बनेंगी। उन्होंने डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय, अयोध्या से बैचलर ऑफ फिजिकल एजुकेशन एंड स्पोर्ट्स (BPES) की वर्ष 2025 की परीक्षा में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। अपनी इस उल्लेखनीय उपलब्धि के लिए उन्हें आगामी 13 अक्टूबर को विश्वविद्यालय के 30वें दीक्षांत समारोह में राज्यपाल एवं कुलाधिपति आनंदी बेन पटेल द्वारा “कुलपति स्वर्ण पदक” से सम्मानित किया जाएगा।
प्रांजलि शर्मा न केवल एक मेधावी छात्रा हैं बल्कि एक सफल राष्ट्रीय स्तर की बैडमिंटन खिलाड़ी (शटलर) भी हैं। वे मीरजापुर जनपद के अहरौरा नगर के कसरहट्टी बाजार की निवासी हैं।
शैक्षणिक उपलब्धि और सम्मान
प्रांजलि शर्मा ने डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय में शानदार प्रदर्शन करते हुए अपनी कक्षा में शीर्ष स्थान प्राप्त किया। उनके इस उत्कृष्ट परिणाम के कारण विश्वविद्यालय ने उन्हें “कुलपति स्वर्ण पदक” से सम्मानित करने का निर्णय लिया। यह पुरस्कार उन्हें उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदी बेन पटेल द्वारा स्वयं प्रदान किया जाएगा।
यह दीक्षांत समारोह अवध विश्वविद्यालय के अयोध्या कैंपस में आयोजित होगा, जहां राज्यपाल के साथ विश्वविद्यालय के कुलपति और अन्य उच्च अधिकारी उपस्थित रहेंगे।
खेलों में भी बनाया नाम
प्रांजलि शर्मा ने खेल जगत में भी अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। उन्होंने
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अन्तर्विश्वविद्यालयीय बैडमिंटन प्रतियोगिता,
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अन्तर्महाविद्यालयीय बैडमिंटन प्रतियोगिता,
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राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताएं (हैदराबाद, विशाखापट्टनम),
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राज्य स्तरीय प्रतियोगिताएं (अलीगढ़, हापुड़, इलाहाबाद, लखनऊ)
में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है।
उन्होंने अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों से प्रशिक्षण प्राप्त किया है —
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पुलेला गोपीचंद बैडमिंटन अकादमी, नोएडा
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चेतन आनंद बैडमिंटन अकादमी, हैदराबाद (तेलंगाना)
इन अकादमियों में प्रशिक्षण पाकर उन्होंने अपने खेल को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया।
परिवार की प्रेरणा और समाजसेवा की परंपरा
प्रांजलि शर्मा के दादा स्व. मेवालाल विश्वकर्मा नगर के वरिष्ठ समाजसेवी रहे हैं, जिन्होंने जीवनभर समाजसेवा की और मृत्यु के उपरांत “देहदान” कर मानवता की मिसाल पेश की। उनकी दादी ने भी उनके इस कदम को आगे बढ़ाते हुए देहदान किया, जिससे यह परिवार समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गया।
प्रांजलि के पिता डॉ. अनिल कुमार शर्मा भी शिक्षा और समाजसेवा के क्षेत्र में सक्रिय हैं और बेटी की उपलब्धि पर गर्व महसूस कर रहे हैं।
प्रेरणादायक उदाहरण
प्रांजलि शर्मा की यह उपलब्धि न केवल मीरजापुर बल्कि पूरे प्रदेश के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने यह साबित किया है कि समर्पण और मेहनत से शिक्षा और खेल—दोनों क्षेत्रों में सफलता हासिल की जा सकती है।
उन्होंने कहा —
“मेरा सपना भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मेडल जीतना है। यह सम्मान मेरे आत्मविश्वास को और बढ़ाएगा।”
विश्वविद्यालय प्रशासन की सराहना
अवध विश्वविद्यालय के कुलपति ने कहा कि प्रांजलि शर्मा जैसी छात्राएं संस्थान की पहचान हैं। उनका यह सम्मान अन्य विद्यार्थियों को भी प्रेरित करेगा कि वे शिक्षा के साथ खेलों में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन करें।