मुदस्सिर हुसैन IBN NEWS
मवई, अयोध्या।
जश्न-ए-मिलादुन्नबी और बारह रबी उल अव्वल के पावन मौके पर मवई ब्लॉक क्षेत्र के विभिन्न गांवों में जुलूस-ए-मोहम्मदी बड़े ही शान-ओ-शौकत और अकीदत के साथ निकाला गया। जिस रास्ते से जुलूस गुजरा, वहां अकीदतमंदों ने फूल बरसाकर और दरूदो-सलाम पेश कर उसका इस्तकबाल किया।
नेवरा से बसौढी तक जश्न का माहौल
ग्राम नेवरा में मदरसा आयशा लिल बनात के बच्चों ने जुलूस-ए-मोहम्मदी निकाला। वहीं, सण्डवा, कोंडरा, रजनपुर, मवई, सिपाहिया, मोहम्मदपुर और बसौढी में लोगों ने बड़ी गर्मजोशी से जुलूस का स्वागत किया।
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ग्राम नेवरा में पूर्व प्रधान इदरीश खां ने अपने आवास पर जुलूस का इस्तकबाल करते हुए मिठाई बांटी।
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ग्राम रजनपुर में प्रधान कारी अजीमुद्दीन खां के आवास पर तकरीरी प्रोग्राम आयोजित हुआ, जहां बड़ी तादाद में लोग मौजूद रहे।
अमन-ओ-मोहब्बत का पैग़ाम
कारी अजीमुद्दीन खां ने कहा:
“हज़रत मोहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम सारी इंसानियत के लिए रहमत बनकर आए। हमें उनकी सीरत को अपनाना चाहिए और अमन, मोहब्बत व भाईचारे का पैग़ाम हर इंसान तक पहुँचाना चाहिए।”
वहीं मौलाना कामिल हुसैन नदवी ने अपने खिताब में कहा:
“पैग़म्बर-ए-इस्लाम की तालीमात इंसानियत के लिए हिदायत और रहमत का जरिया हैं। आज हमें नबी-ए-करीम के उसूल-ए-ज़िंदगी पर अमल करने की सख़्त ज़रूरत है। यही हमारी कामयाबी और दुनियां में अमन की जमानत है।”
नात, फूलों की बरसात और तबर्रुक
जुलूस के दौरान जगह-जगह नात-ए-पाक की महफ़िलें सजाई गईं। फूलों की बरसात होती रही और राहगीरों व अकीदतमंदों में तबर्रुक़ तक़सीम किया गया। “नारा-ए-तकबीर” और “नारा-ए-रिसालत” की सदाएं पूरे माहौल में गूंजती रहीं।
प्रशासन ने किया मुकम्मल इंतज़ाम
जुलूस पूरी तरह से पुर-अमन तरीके से संपन्न हुआ। प्रशासन और आयोजन कमेटी की ओर से सुरक्षा और इंतज़ामात के कारण माहौल सकून और रूहानियत से भरपूर रहा।
प्रमुख लोग रहे मौजूद
जुलूस के इस्तकबाल में समाजसेवी और स्थानीय लोग बड़ी संख्या में शामिल हुए। इनमें प्रमुख रूप से –
दानिश हुसैन, हाफिज यूसुफ, बाबा जुबेर अहमद, इदरीश खां, सवीना खातून, गुड्डू खां, रिजवान खां, जुनेद अहमद, ऐश मोहम्मद, सुएब खां, विपिन सम्राट, इज़लाल खां, आसिफ आरिफ ठाकुर, राहत उल्लाह खां, शेर खां, अंसार खां, आमिर खां, गुल मोहम्मद, मेराज अहमद, इशराक खां, मुश्ताक अंसारी, वसीम अहमद आदि शामिल रहे।