फरीदाबाद से बी.आर. मुराद की रिपोर्ट
फरीदाबाद। बल्लभगढ़ स्थित ऊंचा गांव के रहने वाले मदरसा मखजनुल उलूम के होनहार छात्र मोहम्मद फैज ने महज 19 महीनों में पूरा कुरआन शरीफ हिफ्ज कर एक शानदार उपलब्धि हासिल की है। इस खुशी के मौके पर मदरसे में एक सम्मान समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में उलेमा, समाजसेवी और गणमान्य लोग शामिल हुए।
सम्मान समारोह का आयोजन
समारोह की अध्यक्षता मदरसे के डायरेक्टर और जिला सदर जमीयत उलमा-ए-हिंद मौलाना जमालुद्दीन ने की। कार्यक्रम का संचालन जनरल सेक्रेटरी हाफिज मोहम्मद शाहिद ने किया। महफिल की शुरुआत कुरआन की तिलावत और नाते-रसूल से हुई।
इस मौके पर कुरआन के मशहूर कारी अली मोहम्मद खंदावली ने मोहम्मद फैज को उनके उस्ताद कारी मोहम्मद अब्बास की देखरेख में हाफिज बनने पर बधाई दी।
मौलाना जमालुद्दीन का संबोधन
मौलाना जमालुद्दीन ने बताया कि मदरसा मखजनुल उलूम से हर साल 5-6 बच्चे कुरआन हिफ्ज करते हैं। फरवरी-मार्च में इनकी परीक्षा लेकर एक बड़े प्रोग्राम में इन्हें सर्टिफिकेट और सम्मान दिया जाता है, जिससे यह बच्चे आगे चलकर दीनी और दुनियावी तालीम हासिल कर समाज व देश की सेवा कर सकें।
“अल्लाह का करिश्मा है यह कामयाबी”
मौलाना इनामुल हसन कासमी ने कहा,
“कुरआन शरीफ में 30 पारे और सैकड़ों सूरह होती हैं। ऐसे में किसी बच्चे का सिर्फ 19 महीनों में पूरा कुरआन हिफ्ज कर लेना वाकई अल्लाह का करिश्मा और एक बड़ी मिसाल है।”
कार्यक्रम में शामिल गणमान्य लोग
इस कार्यक्रम में शामिल होने वाले प्रमुख अतिथियों में मौलाना अशरफ अली (इमाम, दिल्ली वाली मस्जिद), हाजी सरदार खान, मौलाना मुहम्मद जाहिद खंदावली, कारी मोहम्मद यूसुफ, इंजीनियर शहूद अहमद आरदूका, शोएब ख़ान, अब्बास खान, चौधरी प्रेम सिंह अधाना, डॉ. श्यामवीर, सतीश अधाना, हाजी मुहम्मद हनीफ, सब-इंस्पेक्टर शेर खान, मस्जिद कमेटी के प्रधान बाबू खान सिद्दीकी और हाजी मुहम्मद इकबाल सहित अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे।