टीम आइबीएन न्यूज़
ब्यूरो रिपोर्ट
गाजीपुर: विकास खंड मनिहारी के ग्राम कराकपुरा में आयोजित विकास खंड स्तरीय किसान सभा में मिट्टी परीक्षण के महत्व और वैज्ञानिक तरीकों पर विस्तार से जानकारी दी गई। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पूर्व ग्राम प्रधान कैलाश सिंह यादव और विक्रमा सिंह यादव रहे, जबकि इफको गाजीपुर से क्षेत्र अधिकारी सचिन तिवारी ने किसानों को मिट्टी परीक्षण की आवश्यकता और उसके लाभ बताए।
सभा में किसानों को खेत से मिट्टी का नमूना लेने के वैज्ञानिक तरीके की जानकारी दी गई ताकि सही परीक्षण कर उपयुक्त खाद और उर्वरक का प्रयोग किया जा सके।
ग्राम कराकपुरा के प्रगतिशील किसान विराट यादव (मो. 9115093004) ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि उन्होंने नैनो यूरिया और नैनो डीएपी का प्रयोग किया, जिससे उन्हें पारंपरिक बोरी वाली खाद की तुलना में बेहतर उत्पादन प्राप्त हुआ। उन्होंने बताया कि बोतल वाली नैनो खाद न सिर्फ किफायती है बल्कि फसलों की गुणवत्ता और उत्पादन दोनों बढ़ाती है।
कार्यक्रम में नैनो यूरिया प्लस, नैनो जिंक, नैनो कॉपर और सागरिका जैसे उत्पादों के उपयोग, महत्व और प्रयोग विधियों पर विस्तार से चर्चा की गई। साथ ही खरीफ और रबी की फसलों में इनके इस्तेमाल से जुड़ी भ्रांतियों को भी दूर किया गया।
इसके अलावा किसानों को बायो डी कम्पोजर, कंर्सोटिया और जल-विलेय उर्वरक जैसे इफको के अन्य उत्पादों के बारे में भी जानकारी दी गई।
मुख्य अतिथि ने किसानों से अपील की कि वे पारंपरिक यूरिया और फास्फेटिक खादों का उपयोग कम करें और अधिकतम मात्रा में नैनो यूरिया, नैनो डीएपी व सागरिका जैसी आधुनिक उर्वरकों को अपनाएँ।
कार्यक्रम के अंत में पूर्व प्रधान विक्रमा सिंह यादव ने सभी अतिथियों और किसानों का आभार व्यक्त किया। इस किसान सभा में इफको ई-बाज़ार मरदह के इंचार्ज राधेश्याम यादव सहित लगभग 92 किसान उपस्थित रहे।