टीम IBN NEWS | ब्यूरो रिपोर्ट | गाजीपुर |
गाजीपुर जिले में बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है। जनपद के प्रभारी मंत्री और स्टाम्प तथा न्यायालय शुल्क एवं पंजीयन विभाग, उत्तर प्रदेश सरकार के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रविन्द्र जायसवाल ने सोमवार को करण्डा विकास खंड अंतर्गत प्राथमिक विद्यालय दीनापुर में बाढ़ प्रभावित लोगों को राहत किट वितरित कीं। इसके साथ ही उन्होंने नाव के माध्यम से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया और पीड़ित परिवारों को सरकार की ओर से हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया।
🚤 213 नावें तैनात, 131 बाढ़ चौकियां और 18 शरणालय सक्रिय
मंत्री जायसवाल ने बताया कि गाजीपुर जिले के 106 गांव बाढ़ से प्रभावित हैं, जिनमें 20 गांवों का संपर्क मार्ग पूरी तरह से टूट चुका है।
इन प्रभावित गांवों में 19352 जनसंख्या को चिह्नित किया गया है, जो 3602 परिवारों में फैले हुए हैं। इन सभी को राहत किट उपलब्ध कराई जा रही है।
प्रशासन द्वारा 213 नावें आवागमन और राहत कार्यों के लिए तैनात की गई हैं। 131 बाढ़ चौकियां और 18 राहत शरणालय पूरी तरह से क्रियाशील हैं। मंत्री ने कहा कि बाढ़ का पानी स्थिर हो गया है, लेकिन प्रशासन और सरकार अलर्ट मोड में बनी हुई है।
📦 हर परिवार को 50 किलो राहत सामग्री
उन्होंने बताया कि प्रत्येक बाढ़ प्रभावित परिवार को एक सप्ताह के लिए करीब 50 किलो राहत सामग्री दी जा रही है। साथ ही पशुओं के लिए चारा, सुरक्षा के लिए नावों की तैनाती और पुलिस की पेट्रोलिंग भी निरंतर जारी है।
जहां खाना नहीं बन पा रहा है, वहां पका हुआ भोजन भी उपलब्ध कराया जा रहा है। बच्चों के लिए दूध, बिस्किट, पूड़ी-सब्जी आदि की व्यवस्था भी प्रशासन द्वारा की गई है।
🧒 वंचितों की सूची मांगी, पुनः वितरण का आश्वासन
मंत्री रविन्द्र जायसवाल ने मीडिया से भी आग्रह किया कि ऐसे लोग जो अब तक राहत सामग्री से वंचित रह गए हैं, उनकी सूची प्रशासन को उपलब्ध कराई जाए, ताकि उन्हें भी राहत किट पहुंचाई जा सके। उन्होंने कहा, “मानव सेवा ही मानव धर्म है और सरकार हर स्थिति में बाढ़ पीड़ितों के साथ खड़ी है।”
👥 अधिकारियों की उपस्थिति
इस मौके पर जिलाधिकारी अविनाश कुमार, पुलिस अधीक्षक डॉ. ईरज राजा, अपर जिलाधिकारी वित्त/राजस्व दिनेश कुमार, जिला पंचायत अध्यक्ष सपना सिंह, अन्य प्रशासनिक अधिकारी, कर्मचारी और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।