संतुष्टिपरक समाधान के लिए अधिकारियों को निर्देश, डिफॉल्ट पर होगी कड़ी कार्रवाई
✍🏻 IBN NEWS ब्यूरो | मीरजापुर
मीरजापुर:जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार ने सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की, जिसमें आई0जी0आर0एस0 (IGRS) पोर्टल पर प्राप्त जनशिकायतों के निस्तारण की स्थिति पर चर्चा की गई। उन्होंने सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि शिकायतों का निस्तारण समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण और संतुष्टिपरक ढंग से किया जाए।
असंतुष्ट फीडबैक पर होगी जवाबदेही तय
जिलाधिकारी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि किसी शिकायत पर असंतुष्ट फीडबैक प्राप्त होता है, या कोई अधिकारी डिफाल्टर घोषित होता है, तो उसके विरुद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने कहा कि पोर्टल पर जो भी शिकायतें दर्ज होती हैं, वे आमजन की समस्याएं हैं और उनका हल शासन की प्राथमिकता है।
बिना पढ़े आख्या अपलोड न करें
डीएम ने कहा कि कई बार देखा गया है कि कार्यालयाध्यक्ष बिना पूरा विवरण पढ़े आख्या अपलोड कर देते हैं, जो कि न केवल शिकायतकर्ता को निराश करता है बल्कि शासन की छवि को भी प्रभावित करता है। ऐसे मामलों में पुनः जांच टीम बनाकर सही तथ्यों के आधार पर नई आख्या अपलोड करने का निर्देश दिया गया है।
मुख्यमंत्री पोर्टल पर विशेष सतर्कता
जिलाधिकारी ने यह भी स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री पोर्टल से संबंधित शिकायतों की आख्या पर सिर्फ सक्षम अधिकारी के मूल हस्ताक्षर होंगे, कृते हस्ताक्षर मान्य नहीं होंगे। उन्होंने कहा कि निस्तारण के बाद शिकायतकर्ता से फोन पर संपर्क कर संतुष्टि की पुष्टि अवश्य करें, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि समाधान वास्तव में व्यावहारिक है।
अधिकारियों को दिए निर्देश
बैठक में सभी विभागीय अधिकारियों से कहा गया कि वे अपने-अपने विभाग से संबंधित लंबित शिकायतों की स्थिति की समीक्षा करें और 7 कार्य दिवसों के भीतर निस्तारण सुनिश्चित करें। साथ ही, सप्ताह में एक बार जनसुनवाई के लिए अलग से समय निर्धारित करें।
उपस्थित अधिकारीगण
इस बैठक में मुख्य विकास अधिकारी विशाल कुमार, अपर जिलाधिकारी (वित्त/राजस्व) अजय कुमार सिंह, भूमि/राजस्व अधिकारी देवेंद्र प्रताप सिंह, नगर मजिस्ट्रेट विनीत उपाध्याय, नमामि गंगे परियोजना अधिकारी विजेता सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।