फरीदाबाद से बी.आर.मुराद की रिपोर्ट
फरीदाबाद:39 वें सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय आत्मनिर्भर शिल्प महोत्सव के पहले दिन सांस्कृतिक कार्यक्रमों की धूम रही। मेले की मुख्य चौपाल पर लोक कलाकारों ने अपनी अद्भुत प्रस्तुतियों से दर्शकों का मन मोह लिया।
शाम को प्रसिद्ध लोक गायक सौरव अत्री ने अपने चिर-परिचित अंदाज में तू राजा की राज दुलारी मैं सिर्फ लंगोटे वाला हु,यो म्हारा हरियाणा सहित अन्य गानों से समां बांधा और हरियाणवी लोक संगीत की छटा बिखेरी।सौरव अत्री ने अपने लोकप्रिय हरियाणवी गीतों की झड़ी लगा दी।
उनके गीतों में हरियाणा की माटी की खुशबू,ग्रामीण जीवन की झलक और सामाजिक सरोकारों का बेहतरीन संगम देखने को मिला। गायक ने अपनी गायकी के जरिए लोक भावनाओं को जीवंत कर दिया, जिससे पंडाल में मौजूद दर्शक मंत्रमुग्ध हो गए। सौरव अत्री के जोशीले तरानों और मधुर संगीत का जादू दर्शकों के सिर चढ़कर बोला।
युवाओं से लेकर बुजुर्गों तक,हर कोई संगीत की लय पर झूमता नजर आया। मुख्य चौपाल पर माहौल तब और भी खुशनुमा हो गया जब श्रोता गानों की धुन पर सहज ही थिरकने लगे। पहले ही दिन दर्शकों का भारी उत्साह मेले की भव्यता और इसकी लोकप्रियता को बखूबी बयां कर रहा है।