फरीदाबाद से बी.आर. मुराद की रिपोर्ट | IBN24x7NEWS
फरीदाबाद के गांव अनंगपुर में आगामी 13 जुलाई को होने वाली राष्ट्रीय महापंचायत की तैयारियों को लेकर रविवार को गांव चौपाल पर एक अहम पंचायत का आयोजन हुआ।
इस पंचायत की अध्यक्षता गांव के वरिष्ठ नागरिक अत्तर सिंह ने की, जिसमें विजय प्रताप सिंह ने फ़ॉरेस्ट एक्ट और पीएलपीए से जुड़े मुद्दों पर खुलकर अपनी बात रखी।
🏛️ पीएलपीए खत्म, फिर भी उजाड़े जा रहे लोग – विजय प्रताप
विजय प्रताप सिंह ने कहा,
“PLPA एक्ट 2022 में समाप्त हो चुका है, फिर भी सरकार इसके नाम पर हजारों वर्ष पुराने बसे गांवों को उजाड़ रही है। सुप्रीम कोर्ट में सरकार को यह साबित करना चाहिए था कि यह क्षेत्र आबादी क्षेत्र है, लेकिन वे तथ्यों को सही से पेश नहीं कर पाए।”
उन्होंने सरकार से मांग की कि जिन लोगों के मकान, फार्म हाउस और घर तोड़े गए हैं, उन्हें उचित मुआवजा दिया जाए, क्योंकि वे टैक्स और बिजली बिल भर रहे हैं।
🗣️ “राजनीति करने नहीं आया, समाज की आवाज़ उठाने आया हूँ”
उन्होंने पंचायत में साफ कहा –
“अभी चुनावों में चार साल बाकी हैं। मैं राजनीति करने नहीं आया, समाज के अधिकारों की लड़ाई लड़ने आया हूँ।”
विजय प्रताप सिंह ने चेतावनी देते हुए कहा कि
“अगर सरकार ने अपनी भूल नहीं सुधारी, तो 13 जुलाई की महापंचायत इतिहास रचने का कार्य करेगी।”
🔥 अधिकारियों की गलती मानी भाजपा नेता ने भी
विजय प्रताप ने बताया कि भाजपा के वरिष्ठ नेता करतार भड़ाना ने भी अपने बयान में माना कि
“अधिकारियों से गलती हुई है।”
अब सरकार की जिम्मेदारी बनती है कि वह इस गलती को सुधारे और लोगों को मुआवजा दे।
🌄 “हमारे पूर्वजों की धरोहर तक सुरक्षित नहीं”
उन्होंने कहा कि
“हिमाचल, उत्तराखंड, राजस्थान में लोग पहाड़ों पर रहते हैं, लेकिन वहां मकान नहीं तोड़े जाते। फरीदाबाद में हमारे अपने लोग ही अपनों को उजाड़ रहे हैं। यह पूर्व नियोजित साजिश है, जो 2 महीने पहले बड़खल विधायक द्वारा विधानसभा में दिए गए बयान से शुरू हुई।”
इसका परिणाम ये हुआ कि 50,000 से अधिक लोग बेरोजगार हो गए हैं।
🧾 शिव दुर्गा बिहार कॉलोनी पर भी बोले विजय प्रताप
उन्होंने कहा कि
“शिव दुर्गा बिहार कॉलोनी के करीब 5000 मकानों को नोटिस भेजे गए हैं, उनकी लड़ाई भी हम लड़ेंगे।”
विजय प्रताप ने ग्रामीणों से संवैधानिक तरीके से संघर्ष जारी रखने की अपील की।
👥 पंचायत में शामिल प्रमुख चेहरे
इस पंचायत में देशभर से गुर्जर समाज के वरिष्ठ लोग और विभिन्न दलों के नेता शामिल हुए, जिनमें शामिल थे:
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अर्जुन भड़ाना (पूर्व सांसद अवतार सिंह भड़ाना के सुपुत्र)
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सुनीता बैसला (कर्नल किरोड़ी बैसला की पुत्री)
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उमेश पंडित (कांग्रेस नेता)
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अभिषेक दत्त, अनूप तंवर, अजीत चौधरी, बिदे भड़ाना
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पूर्व मेयर देवेंद्र भड़ाना, राजवीर भड़ाना
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पार्षद राजेश, जयवीर भड़ाना, वेदपाल (पार्षद आयानगर)
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रविन्द्र सिंह (गुर्जर महासभा अध्यक्ष), मुनेन्द्र पहलवान (किसान यूनियन)
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कपिल गुर्जर, रमेश कसाना, सचिन अम्बावता, मयंक चौधरी
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प्रेम कृष्ण आर्य, पदम भड़ाना, अख्तर सरपंच, विजयपाल सरपंच आदि।