IBN News Team | मीरजापुर ब्यूरो
मीरजापुर जनपद के अहरौरा थाना क्षेत्र में रविवार की शाम को मोहर्रम पर्व के अवसर पर कुल 49 ताजियों का जुलूस निकाला गया। इस आयोजन ने न केवल धार्मिक आस्था को दर्शाया, बल्कि हिंदू-मुस्लिम एकता और सामाजिक सौहार्द का भी प्रतीक बनकर उभरा।
🕌 क्षेत्रीय ताजिया समितियों ने किया भव्य आयोजन
अहरौरा कस्बा एवं आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों जैसे तकिया, पटवा टोला, चौक नांहक शाह, टिकरा खरंजा, बूढ़ादेई, डीह, बेलखरा, महुली, मानिकपुर, खुटहां, पटिहटा आदि से ताजियों को अकीदत के साथ कर्बला में दफन किया गया।
“या अली! या हुसैन!” के नारों से क्षेत्र गूंज उठा और माहौल आस्था व श्रद्धा से भर गया।
🥋 अखाड़ों में लाठी-डंडे और आग से करतब
जुलूस के दौरान कई जगहों पर मुस्लिम युवाओं द्वारा अखाड़ा खेल, लाठी-डंडे और आग के करतबों का प्रदर्शन किया गया।
इन करतबों को देखने सभी धर्मों के लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी, जिससे आयोजन एक सांस्कृतिक मेल-जोल का दृश्य बन गया।
👥 सौहार्द का प्रतीक बना चौक नांहक शाह
चौक नांहक शाह का ताजिया ऐतिहासिक महत्व रखता है।
यहाँ की 1890 से चली आ रही परंपरा के अनुसार स्व. गोपालदास के पुत्रगण मुरली मनोहर शाह व मनोज कुमार द्वारा सबसे पहले “फातिहा” किया जाता है।
यह ताजिया, क्षेत्र में “ताजियों के बादशाह” के रूप में जाना जाता है और जुलूस का नेतृत्व करता है।
👮♂️ सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद
जुलूस को शांतिपूर्वक सम्पन्न कराने के लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे।
सीओ मुनेन्द्र पाल सिंह, चुनार तहसीलदार योगेन्द्र शरण शाह, थाना प्रभारी अजय सेठ, नगर चौकी प्रभारी अविनाश त्रिपाठी व इमलिया चट्टी प्रभारी अभिषेक सिंह ने पुलिस व पीएसी बल के साथ गश्त व निगरानी की।
“हर मार्ग पर पुलिस बल की उपस्थिति ने लोगों को सुरक्षा का भरोसा दिया।”
🧾 खास बातें एक नजर में:
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कुल ताजिए: 49
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जुलूस में शामिल धार्मिक एवं सामाजिक अखाड़े
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परंपरागत करतबों का आकर्षक प्रदर्शन
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चौक बाजार दक्षिणी का ताजिया रहा आकर्षण का केंद्र
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सभी ताजिया कर्बला में अकीदत के साथ दफन