मंत्री दयाशंकर सिंह के बयान पर गरमाई सियासत
उत्तर प्रदेश के परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह द्वारा बसपा विधायक उमाशंकर सिंह के दिवंगत पिता स्व. मैनेजर सिंह के लिए “केरोसिन तेल बेचने वाला” जैसी टिप्पणी करना उन्हें भारी पड़ता दिखाई दे रहा है। यह बयान राजनीतिक गलियारों में विवाद का विषय बन गया है। स्व. मैनेजर सिंह सेना से सेवानिवृत्त पूर्व सैनिक रहे थे और उनका सम्मानित सामाजिक जीवन रहा था। अब उनके परिवार ने इस टिप्पणी पर तीखी प्रतिक्रिया दी है।
स्व. मैनेजर सिंह के पौत्र शैलेंद्र प्रताप सिंह का बड़ा बयान
स्वर्गीय मैनेजर सिंह के पौत्र शैलेंद्र प्रताप सिंह ने नाराज़गी जताते हुए कहा कि यह न सिर्फ हमारे परिवार का अपमान है बल्कि देश के उन लाखों पूर्व सैनिकों का भी अपमान है जिन्होंने अपना जीवन राष्ट्र सेवा में समर्पित किया। उन्होंने कहा कि दयाशंकर सिंह जैसे मंत्री से ऐसी भाषा की अपेक्षा समाज नहीं करता। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि मंत्री ने सार्वजनिक माफी नहीं मांगी तो हम कानूनी और सामाजिक दोनों स्तरों पर संघर्ष करेंगे।
“मेरे दादा स्वर्गीय मैनेजर सिंह एक सम्मानित पूर्व सैनिक और स्वतंत्रता प्रेमी विचारधारा वाले व्यक्ति थे, उन्हें इस तरह से ‘तेल बेचने वाला’ कहना बेहद निंदनीय है,” – शैलेंद्र प्रताप सिंह
बसपा विधायक उमाशंकर सिंह ने कहा – ‘भाजपा अहंकार में है’
बसपा विधायक उमाशंकर सिंह ने भी इस बयान को लेकर तीखा पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि भाजपा नेता सत्ता के अहंकार में मर्यादाएं भूल चुके हैं। यह बयान बताता है कि भाजपा को कितनी तकलीफ है कि एक बसपा विधायक जनता के बीच लोकप्रिय है। उन्होंने कहा कि भाजपा के मंत्री पहले अपनी भाषा को सुधारें और सैनिकों का अपमान करना बंद करें।
विपक्ष ने घेरा, सोशल मीडिया पर ट्रेंड हुआ मामला
विवाद बढ़ने पर समाजवादी पार्टी और कांग्रेस ने भी दयाशंकर सिंह के बयान की निंदा की है। सोशल मीडिया पर #DayashankarSingh_maafi_maango हैशटैग के साथ लोगों ने विरोध जताया। कई यूजर्स ने यह भी लिखा कि जब एक पूर्व सैनिक को अपमानित किया जा रहा है तो इससे स्पष्ट होता है कि भाजपा सत्ता के नशे में संवेदनाओं को भूल रही है।
मंत्री ने बयान को बताया ‘गलतफहमी’, मगर नाराज़गी कायम
हालांकि अब दयाशंकर सिंह की ओर से सफाई भी सामने आई है कि उनका आशय किसी का अपमान करना नहीं था और शब्द गलत संदर्भ में लिया गया। लेकिन इससे परिवार की नाराज़गी कम होती नहीं दिख रही है। शैलेंद्र प्रताप ने कहा कि मात्र स्पष्टीकरण से काम नहीं चलेगा – जब तक सार्वजनिक मंच से क्षमा नहीं मांगी जाएगी, आंदोलन जारी रहेगा।
क्या पड़ेगा 2027 चुनावों पर असर?
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस प्रकार के बयान ग्रामीण वोटबैंक में भाजपा के खिलाफ माहौल बना सकते हैं। बलिया और आसपास के क्षेत्र में स्व. मैनेजर सिंह का सम्मानित नाम है और स्थानीय लोगों में इस बयान से रोष है। यदि दयाशंकर सिंह जल्द स्थिति को संभालते नहीं, तो यह विवाद भाजपा के लिए राजनीतिक नुकसान का कारण बन सकता है।