बी.आर. मुराद की रिपोर्ट
फरीदाबाद
फरीदाबाद का शैक्षिक परिदृश्य एक बार फिर गर्व से ऊँचा हो गया है। डीएवी पब्लिक स्कूल, सेक्टर-49 फरीदाबाद के पूर्व छात्र शुभम मैतोला को भारतीय प्रबंधन संस्थान (IIM) काशीपुर में MBA प्रोग्राम (बैच 2025-27) के लिए चयनित किया गया है। यह उपलब्धि न केवल छात्र के लिए बल्कि पूरे विद्यालय और शहर के लिए गौरव का विषय है।
शैक्षिक पृष्ठभूमि और समर्पण
शुभम मैतोला ने अपनी स्कूली शिक्षा डीएवी पब्लिक स्कूल, सेक्टर 49 फरीदाबाद से पूरी की थी। बारहवीं कक्षा में उन्होंने शैक्षणिक उत्कृष्टता के साथ विद्यालय का नाम रोशन किया। इसके बाद उन्होंने अपनी उच्च शिक्षा के पथ पर निरंतर दृढ़ संकल्प, मेहनत और साफ लक्ष्यों के साथ कदम बढ़ाया।
उनकी मेहनत का फल उन्हें तब मिला जब उन्हें देश के प्रमुख प्रबंधन संस्थानों में से एक, आईआईएम काशीपुर में MBA कोर्स के लिए प्रवेश मिला।
विद्यालय परिवार की खुशी
प्रधानाचार्य श्री राजन गौतम ने शुभम की इस अद्भुत उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा:
“यह हमारे विद्यालय के लिए अत्यंत गौरवपूर्ण क्षण है। शुभम जैसे छात्र हमारे संस्थान की शैक्षणिक गुणवत्ता और मूल्य आधारित शिक्षा प्रणाली का जीवंत उदाहरण हैं।”
उन्होंने यह भी कहा कि शुभम की सफलता उन सभी छात्रों के लिए एक प्रेरणा का स्रोत है जो उच्च लक्ष्य रखते हैं और उनके लिए ईमानदारी से मेहनत करते हैं।
शुभम की सफलता में स्कूल की भूमिका
डीएवी पब्लिक स्कूल का सदैव यह प्रयास रहा है कि छात्रों को केवल परीक्षा पास कराने तक सीमित न रखा जाए, बल्कि उन्हें भावी नेतृत्वकर्ता, चिंतक और समाज के जिम्मेदार नागरिक के रूप में तैयार किया जाए।
शुभम मैतोला की यह उपलब्धि इसी शिक्षा दर्शन का प्रत्यक्ष प्रमाण है।
विद्यालय के शिक्षकों और स्टाफ सदस्यों ने भी शुभम को शुभकामनाएं दीं और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
IIM काशीपुर की खासियत
IIM काशीपुर, भारतीय प्रबंधन संस्थानों की श्रेणी में एक तेजी से उभरता संस्थान है, जो छात्रों को व्यवसाय प्रबंधन, रणनीति, नेतृत्व और उद्यमिता में विशिष्ट शिक्षा प्रदान करता है।
यहां प्रवेश पाना एक बड़ी उपलब्धि मानी जाती है और यह भारत के प्रतिष्ठित CAT परीक्षा के माध्यम से ही संभव होता है।
एक प्रेरणा बन चुके हैं शुभम
शुभम अब उन छात्रों के लिए प्रेरणास्रोत बन चुके हैं जो स्कूली जीवन से ही ऊँचे सपने देखते हैं और उन्हें साकार करने के लिए कठोर परिश्रम करते हैं। उनकी सफलता यह दर्शाती है कि सही दिशा, समर्पण और विद्यालय के सहयोग से कोई भी छात्र राष्ट्रीय स्तर की बड़ी उपलब्धि हासिल कर सकता है।