मीरजापुर। अहरौरा क्षेत्र के मंझवा गांव की रहने वाली विभा पाण्डेय ने न सिर्फ अपने परिवार का सिर गर्व से ऊँचा किया, बल्कि अपने बड़े भाई का सपना भी साकार कर दिखाया। उत्तर प्रदेश पुलिस में कांस्टेबल पद पर चयनित होने वाली विभा की यह सफलता कहानी न सिर्फ प्रेरणादायक है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि संकल्प, समर्पण और सेल्फ स्टडी से हर सपना साकार हो सकता है।
🎓 शैक्षिक पृष्ठभूमि से लेकर सफलता तक
विभा ने इलेक्ट्रिकल ब्रांच से डिप्लोमा करने के बाद महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ से बी.एड किया। इसी दौरान उनके बड़े भाई अधिवक्ता डी. राज पाण्डेय (राहुल) ने उन्हें उत्तर प्रदेश पुलिस में कांस्टेबल पद के लिए आवेदन करने को प्रेरित किया। बिना किसी कोचिंग के, केवल स्व-अध्ययन (Self Study) के बल पर विभा ने यह सफलता हासिल की।
✅ मेडिकल परीक्षा में भी मिली सफलता
22 अप्रैल को विभा ने मेडिकल परीक्षा भी सफलतापूर्वक पास कर ली। इससे पहले वह 2022 की रेडियो हेड ऑपरेटर सब इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा की लिखित परीक्षा भी पास कर चुकी थीं।
“वर्दी पहनना मेरा सपना नहीं था, मेरे भाई का था। मैंने उसे अपना सपना बना लिया और उसे साकार कर दिखाया।” – विभा
👮♀️ भाई का सपना, बहन ने किया साकार
विभा के भाई डी. राज पाण्डेय ने बताया कि वह खुद पुलिस विभाग में जाना चाहते थे, लेकिन किस्मत ने साथ नहीं दिया। मगर उन्होंने अपने सपने को बहन में जिंदा रखा, और आज जब विभा ने वर्दी पहनी है, तो यह पूरे परिवार के लिए गर्व और भावुकता का क्षण है।
“विभा बचपन से ही पढ़ाई में तेज रही है। उसने हमेशा खुद पर भरोसा रखा, और आज उसका मेहनत रंग लाई है।”
🌟 गांव और समाज में खुशी की लहर
विभा के चयन की खबर से मंझवा गांव में खुशी की लहर दौड़ गई है। आसपास के लोग उनके घर जाकर उन्हें बधाइयाँ दे रहे हैं। खास बात यह है कि विभा की यह सफलता किसी कोचिंग या विशेष गाइडेंस के बिना, केवल सेल्फ स्टडी के बल पर है।