बलिया ब्यूरो | IBN 24×7 न्यूज़
बलिया जिले में पंचायत भवन निर्माण कार्यों की प्रगति की धीमी रफ्तार को लेकर जिलाधिकारी श्री मंगला प्रसाद सिंह ने कड़ा रुख अपनाया है। कलेक्ट्रेट सभागार में हुई बैठक में डीएम ने 25 ग्राम पंचायतों में भूमि चिन्हीकरण में लापरवाही बरतने पर संबंधित राजस्व व विकास अधिकारियों का वेतन रोकने के निर्देश जारी कर दिए।
🏗️ 10 जुलाई तक निर्माण कार्य शुरू कराने का आदेश
बैठक में जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि 10 जुलाई 2025 तक पंचायत भवन का निर्माण कार्य हर हाल में शुरू करवा दिया जाए। उन्होंने कहा कि अब तक जिन पंचायतों में भूमि चिन्हीकरण नहीं हो पाया है, वहां के उप जिलाधिकारी, तहसीलदार, नायब तहसीलदार, लेखपाल, सचिव और खंड विकास अधिकारी जिम्मेदार हैं।
⚠️ इन अधिकारियों पर गिरी गाज
जिन अधिकारियों का वेतन रोकने का आदेश जारी हुआ है, उनमें शामिल हैं:
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उप जिलाधिकारी (सदर, बांसडीह, बैरिया)
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तहसीलदार (सदर, बांसडीह, बैरिया)
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नायब तहसीलदार, कानूनगो, लेखपाल
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सचिव ग्राम पंचायत
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खंड विकास अधिकारी (दुबहर, रेवती, बांसडीह, सोहाव, बैरिया, हनुमानगंज, गड़वार, बेरूआरबारी, मुरलीछपरा)
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एडीओ (पंचायत)
डीएम ने निर्देश दिए कि जब तक भूमि चिन्हित नहीं की जाती, तब तक इनका वेतन आहरित नहीं किया जाएगा।
🛑 रामपुर मसरिक ग्राम का मुद्दा भी उठा
बैठक में यह भी सामने आया कि ग्राम पंचायत रामपुर मसरिक नदी में विलीन हो गया है और वहां के लोग छपरा सारीब में बस गए हैं। बावजूद इसके रामपुर मसरिक के नाम पर विकास निधि का व्यय किया जा रहा है। इस पर डीएम ने कड़ी आपत्ति जताते हुए जिला पंचायतराज अधिकारी को शासन को पत्र भेजने का निर्देश दिया।
🌟 सम्मानित होंगे जिम्मेदार ग्राम प्रधान
जिलाधिकारी ने यह भी निर्देश दिए कि जिन ग्राम प्रधानों ने अपनी भूमि दान में दी है या अपने प्रयास से पंचायत भवन बनवाया है, उन्हें सम्मानित किया जाएगा। साथ ही रियल टाइम खतौनी न रखने वाले लेखपाल और कानूनगो का भी वेतन रोकने के निर्देश दिए गए हैं।
👥 बैठक में मौजूद रहे वरिष्ठ अधिकारी
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी ओजस्वी राज, अपर जिलाधिकारी अनिल कुमार, मुख्य राजस्व अधिकारी त्रिभुवन, संबंधित उप जिलाधिकारी, तहसीलदार, खंड विकास अधिकारी, लेखपाल, सचिव और ग्राम प्रधान मौजूद रहे।