गोल्ड मेडलिस्ट खिलाड़ियों को किया सम्मानित, 70 आंगनबाड़ी केंद्रों का किया शिलान्यास
✍🏻 कामता शर्मा | IBN NEWS, अयोध्या ब्यूरो
अयोध्या।
उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने सोमवार को डॉ. राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय, अयोध्या में आयोजित “अयोध्या सीएसआर कॉन्क्लेव” में बतौर मुख्य अतिथि भाग लिया। इस अवसर पर उन्होंने गोल्ड मेडलिस्ट खिलाड़ियों को सम्मानित किया और अयोध्या के 70 नए आंगनबाड़ी केंद्रों का शिलान्यास भी किया।
सीएसआर को लेकर राज्यपाल ने अफसरों को घेरा
कार्यक्रम के दौरान अपने विशेष संबोधन में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने अधिकारियों को सीएसआर फंड की फाइल प्रक्रिया पर चुटकी लेते हुए कहा कि,
“भगवान राम के दर्शन तो हो जाते हैं, लेकिन किसी फाइल के दर्शन से पहले कुर्सी पर बैठे अधिकारियों के दर्शन करना पड़ता है।”
उन्होंने यह भी कहा कि फाइल एक टेबल से दूसरी, फिर तीसरी और चौथी तक घूमती रहती है लेकिन कमियां दूर नहीं की जातीं। अगर फाइल की खामियां पहले ही स्तर पर ठीक कर दी जाएं तो जनता को इसका सीधा लाभ मिल सकेगा।
फाइल प्रक्रिया पर दिया तंज
राज्यपाल ने सरकारी फाइलों की प्रक्रिया को लेकर कहा कि यह स्थिति केवल उत्तर प्रदेश में ही नहीं, बल्कि सभी सरकारों में समान रूप से देखने को मिलती है। उन्होंने अधिकारियों को सचेत करते हुए कहा कि अगर फाइलों की देर और लापरवाही यूं ही चलती रही तो जनहित की योजनाएं कभी ज़मीन पर ठीक से उतर ही नहीं पाएंगी।
खिलाड़ियों को किया गया सम्मानित
कार्यक्रम के दौरान राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने अवध विश्वविद्यालय के गोल्ड मेडलिस्ट खिलाड़ियों को मंच पर बुलाकर सम्मानित किया। उन्होंने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि:
“खेल न केवल शारीरिक विकास करता है, बल्कि आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता को भी बढ़ाता है।”
70 नए आंगनबाड़ी केंद्रों का शिलान्यास
राज्यपाल ने अयोध्या में 70 नए आंगनबाड़ी केंद्रों का शिलान्यास करते हुए कहा कि इससे महिलाओं और बच्चों के पोषण, शिक्षा और स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्र ग्रामीण विकास और बाल संरक्षण की रीढ़ हैं और इनके विस्तार से सामाजिक बदलाव की नींव मजबूत होगी।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने किया स्वागत
अवध विश्वविद्यालय के कुलपति, शिक्षकगण, छात्र-छात्राएं और कई गणमान्य अतिथि इस मौके पर उपस्थित रहे। कुलपति ने राज्यपाल आनंदीबेन पटेल को धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि यह विश्वविद्यालय के लिए गौरव का क्षण है कि राज्यपाल स्वयं यहां आईं और छात्रों का उत्साहवर्धन किया।