भगदड़, अग्निकांड और डूबने जैसी घटनाओं से निपटने की तैयारियों का किया गया परीक्षण
✍🏻 IBN NEWS ब्यूरो | मीरजापुर
मीरजापुर:आगामी महाकुंभ-2025 को लेकर मीरजापुर जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से आज जनपद में मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। यह अभ्यास जिलाधिकारी के निर्देशन तथा अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) श्री शिव प्रताप शुक्ल के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया। आयोजन स्थल रहे महंत शिवाला स्थित होटल जेनेक्स, ट्रेंड्स मॉल और नार घाट मीरजापुर, जहां तीन अलग-अलग परिदृश्यों (सिनेरियो) के माध्यम से आपदा की स्थिति को दर्शाया गया।
मॉक अभ्यास के तीन प्रमुख सिनेरियो
🔥 1. अग्निकांड और भगदड़
महंत शिवाला क्षेत्र में होटल जेनेक्स में एक काल्पनिक अग्निकांड और उससे उत्पन्न भगदड़ को दर्शाया गया। इस स्थिति में फायर ब्रिगेड, पुलिस, और चिकित्सा टीमों द्वारा तत्काल राहत एवं बचाव कार्य किया गया। अग्निशमन अधिकारी अनिल प्रताप सरोज के नेतृत्व में फायर टीम ने आग बुझाने की प्रक्रिया को सफलतापूर्वक प्रदर्शित किया।
🌊 2. डूबते श्रद्धालुओं का बचाव
नार घाट मीरजापुर में यह दर्शाया गया कि कुछ श्रद्धालु गंगा नदी में स्नान करते समय डूब रहे हैं। ऐसे में मौके पर तैनात राज्य आपदा मोचक बल (SDRF) की टीम ने कुशलता से बचाव अभियान चलाया और श्रद्धालुओं को सुरक्षित बाहर निकाला। इस अभियान का नेतृत्व टीम प्रभारी कुमार सौरभ सिंह ने किया।
🧯 3. रेस्क्यू और मेडिकल सहायता
तीसरे परिदृश्य में रेस्क्यू के बाद घायलों को तत्काल प्राथमिक उपचार देने की प्रक्रिया का प्रदर्शन किया गया। इसमें उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. वी.के. भारती के नेतृत्व में चिकित्सा विभाग की टीम ने सक्रिय भूमिका निभाई।
अधिकारियों की उपस्थिति और सहभागिता
इस मॉक ड्रिल में कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे, जिनमें शामिल थे:
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अपर जिलाधिकारी (वित्त/राजस्व): श्री शिव प्रताप शुक्ल
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क्षेत्राधिकारी नगर: श्री विवेक जावला
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फायर सेफ्टी ऑफिसर: अनिल प्रताप सरोज
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SDRF टीम प्रभारी: कुमार सौरभ सिंह
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उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी: डॉ. वी.के. भारती
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जिला आपदा विशेषज्ञ: अंकुर गुप्ता
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प्रधान सहायक कलेक्ट्रेट: श्री अनूप संतु वाला
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आपदा मित्रों की टीम व अन्य विभागों के अधिकारीगण
उत्तर प्रदेश आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के दिशा-निर्देशों के अनुरूप
इस मॉक अभ्यास को उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (UPSDMA) द्वारा निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुसार सम्पूर्ण सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखकर किया गया। इस अभ्यास का उद्देश्य महाकुंभ जैसे विशाल धार्मिक आयोजनों में संभावित आपदाओं से निपटने के लिए वास्तविक तैयारी का परीक्षण करना था।