फरीदाबाद से बी.आर. मुराद की रिपोर्ट
फरीदाबाद: हरियाणा सरकार प्रदेश में आधारभूत ढांचागत विकास के साथ-साथ सरकारी नियमों की प्रभावी अनुपालना सुनिश्चित करने पर विशेष ध्यान दे रही है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अगुवाई में सभी सरकारी योजनाओं को सख्ती से लागू और क्रियान्वित किया जा रहा है। इसी क्रम में, राज्य में खनिज संसाधनों के अंवेषण, विकास और प्रबंधन को मजबूत करने के लिए खनन विभाग सक्रिय भूमिका निभा रहा है।
खनन विभाग के महानिदेशक के.एम. पांडुरंग ने स्पष्ट किया कि अवैध खनन को रोकने के लिए हरियाणा सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को नियमित मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए हैं ताकि बिना ई-रवाना बिल के खनिज वाहनों के संचालन पर सख्त कार्रवाई की जा सके।
जिला स्तर पर सख्त निगरानी और कार्रवाई
जिला खनन अधिकारी कमलेश बिधलान ने बताया कि डीसी विक्रम सिंह की देखरेख में जनवरी माह से अवैध खनन और बिना ई-रवाना बिल के खनिज वाहनों के संचालन पर सख्ती बरती जा रही है। उन्होंने कहा—
“हम स्वयं विभागीय आदेशों की अनुपालना कर रहे हैं और यमुना नदी क्षेत्र सहित पूरे जिले में नेशनल व स्टेट हाईवे पर खनिज वाहनों की सख्ती से जांच कर रहे हैं। हमारी टीम अवैध खनन रोकने के लिए 24×7 सक्रिय निगरानी कर रही है।”
उन्होंने आगे बताया कि—
वर्तमान में जिले में यमुना नदी क्षेत्र सहित किसी भी स्थान पर अवैध खनन नहीं पाया गया है।
चेकिंग टीम ई-रवाना बिल की गहन जांच कर रही है, ताकि कोई भी नियमों का उल्लंघन न कर सके।
यदि किसी क्षेत्र में अवैध खनन या बिना ई-रवाना बिल के खनिज परिवहन की सूचना मिले, तो तुरंत कार्रवाई की जाएगी।
अवैध खनन की सूचना कहां दें?
खनन विभाग ने आम जनता से सहयोग की अपील की है। यदि किसी को अवैध खनन या बिना ई-रवाना बिल के खनिज परिवहन की जानकारी मिले, तो तुरंत विभाग के टोल-फ्री नंबर 1800-180-5530 पर सूचना दें।
निष्कर्ष
हरियाणा सरकार खनिज संसाधनों के संरक्षण और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए कड़े कदम उठा रही है। ई-रवाना बिल की अनिवार्यता से अवैध खनन पर प्रभावी नियंत्रण किया जा रहा है, जिससे प्रदेश में खनन क्षेत्र में पारदर्शिता और सुशासन को बढ़ावा मिलेगा।