गोरखपुर। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय एवं संबद्ध महाविद्यालयों में चल रही स्नातक/स्नातकोत्तर प्रथम वर्ष (सीबीसीएस पैर्टन)
की लिखित परीक्षाओं के साथ ही विश्वविद्यालय प्रशासन ने विद्यार्थियों की सहुलियत और स्पष्टता के लिए प्रैक्टिकल प्रश्नपत्र एवं नॉन प्रैक्टिकल प्रश्नपत्र और केवल प्रैक्टिकल के अंकों का विभाजन निर्धारित कर दिया है।
कुलपति प्रो राजेश सिंह मार्गदर्शन में विश्विद्यालय में परीक्षा की शुरुआत 17 जनवरी और सम्बद्ध महाविद्यालयों में 22 जनवरी से हुई। सीबीसीएस प्रणाली में परीक्षा सम्पन्न करवाने वाला डीडीयू गोरखपुर विश्वविद्यालय प्रदेश का पहला विश्विद्यालय बनने का गौरव हासिल किया है। 24 फरवरी तक विश्विद्यालय
स्नातक एवं परास्नातक प्रथम सेमेस्टर (सीबीसीएस) की सभी परीक्षायें करा ली जायेगी। विश्वविद्यालय द्वारा जारी अंको के विभाजन के अनुसार नॉन प्रैक्टिकल प्रश्नपत्र में मिड टर्म 40 अंक का होगा। जिसमें 15 अंक की लिखित परीक्षा(सब्जेक्टिव/ ऑब्जेटिक्व) होगी। 25 अंक का आंतरिक अंक होगा, इसमें 10 अंक असाइनमेंट(1000-2000 शब्दों), 10 अंक फील्ड वर्क/ प्रोजेक्ट वर्क(सर्वे या एक प्रोजेक्ट वर्क) और पांच अंक उपस्थिति के होंगे।
प्रैक्टिकल प्रश्नपत्र में मिड टर्म 30 अंक का विभाजन।
20 अंक की लिखित परीक्षा। 10 अंक का आंतरिक(असाइनमेंट 4 अंक, फील्ड वर्क/ प्रोजेक्ट वर्क 4 अंक, उपस्थिति 2 अंक)
प्रैक्टिकल प्रश्नपत्र के 25 अंक का विभाजन
10 ब्राह्य अंक/ मौखिकी/ट्यूटोरियल/ पॉवर प्वाइंट प्रेजेंटेशन
15 आंतरिक अंक- असाइनमेंट 6 अंक, फील्ड वर्क/ प्रोजेक्ट वर्क- 6 अंक, उपस्थिति- 3 अंक।
केवल प्रैक्टिकल- 100 अंक का होगा जो आंतरिक एवं ब्राह्य परीक्षक द्वारा संपादित किया जाएगा।
25 अंक आंतरिक- पांच अंक- प्रैक्टिकल/ परफार्मेंस, 15 अंक प्रैक्टिकल रिकार्ड कॉपी, 5 अंक- उपस्थिति
75 अंक का विभाजन
30 अंक- मेजर एक्सरसाईज
25 अंक- माईनर एक्सरसाईज
20 अंक- मौखिकी