रिपोर्ट ब्यूरो
गोरखपुर। श्री श्री रामलीला कमेटी बर्डघाट में को रामलीला में आज भगवान श्रीराम का निषाद राज केवट का मिलाप का दृश्य का मंचन श्री मारुति नंदन , हनुमन्त आदर्श रामलीला मण्डल अयोध्या ( गोलाघाट ) के कलाकारों ने प्रस्तुत किया । सर्वप्रथम प्रभु श्रीराम की आरती समिति के अध्यक्ष पंकज गोयल , उपाध्यक्ष अनिल बर्नवाल , उपाध्यक्ष विनोद सर्राफ , महामंत्री अनूप अग्निहोत्री द्वारा आरती उतारी गयी ।
भगवान श्रीराम गंगाघाट पहुंचते हैं और केवट से कहते हैं कि हमें नाव से गंगा उस पार करा दो । केवट कहता है , प्रभु मैं आपके मरम को जानता हूँ , चरणों में जादू है , जो पत्थर से स्पर्श होने पर मुनि की स्त्री बन जाती है । मेरी काठ की नाव उस पत्थर से कोमल है , यदि मेरी नाव , नारी बन गयी तो , हमारे सारे परिवार के लोग भूखे मर जायेंगे , मेरे पास कोई दूसरा रोजगार नहीं है । इसी नाव के सहारे मैं अपना जीवन – यापन करता हूँ । प्रभु श्रीराम केवट से बार – बार उस पार उतारने को कहते हैं , तब केवट कहता है उस पार अगर जाना चाहते हैं , तो मुझे आदेश दीजिए मैं आपके चरणों को पखारुंगा , तब अपनी नाव पर आपको बैठाकर उस पार उतारूंगा । तब श्रीराम जी ने आदेश दिया केवट ने प्रभु श्रीराम के चरणों को पखारा , उसके बाद श्रीराम , लक्ष्मण और माता सीता को नाव में बैठाकर उस पार उतारा ।
उस पार पहुंचने पर नाव उतरवायी देने के लिए श्रीराम जी के पास कुछ भी नहीं था , तब माता सीता ने अपनी मुद्रिका उतार कर प्रभु श्रीराम को दिया , प्रभु श्रीराम केवट को मुद्रिका देने लगे । तब केवट ने हाथ जोड़कर बोला मैंने आज क्या नहीं पाया , आज तक मैंने जितनी भी मजदूरी किया , लेकिन आज आपके चरणों को धोकर कृतार्थ हो गया , मेरी सारी दुख दूर हो गयी । उधर सुमन्त जी अयोध्या पहुंचते हैं और राजा दशरथ जी को बताते हैं कि श्रीराम , लक्ष्मण और माता सीता को बहुत समझाया , मगर वह वापस नहीं आये और वन की ओर चले गये । यह शब्द सुनकर राजा दशरथ हाय राम , हाय राम कहते हुए अपने प्राण त्याग दिये । पूरे अयोध्यावासी शोक में डूब गये । रामलीला में बैठे हुए दर्शकों की आँखों से निराधार आंसू बह रहे थे । उस समय कमेटी के महामंत्री अनूप अग्निहोत्री , दिनेश सर्राफ , भरत जालान , हरिद्वार वर्मा , अभिनव अग्रवाल , मनीष राज बर्नवाल , अनुराग मझवार , आशीष बर्नवाल , प्रवीण चतुर्वेदी , दिनेश गुप्ता , संदीप शर्मा , विक्की मिश्रा , हरेन्द्र वर्मा , मदन अग्रहरी , संजय बर्नवाल इत्यादि लोग उपस्थित थे ।