फरीदाबाद से बी.आर. मुराद की रिपोर्ट
फरीदाबाद: जिले में अपराधियों पर शिकंजा कसते हुए अपराध शाखा NIT की टीम ने नकली नोटों के एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस मामले में अब तक 6 लाख से अधिक के नकली नोट बरामद करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
पुलिस प्रवक्ता के अनुसार, 31 मार्च की रात अपराध शाखा NIT टीम ने IMT फरीदाबाद से योगेश (निवासी महावीर कॉलोनी, बल्लभगढ़) व विष्णु (निवासी गांव सुनहेरा, भरतपुर, राजस्थान) को गिरफ्तार किया था। योगेश के पास से 500-500 के 200 नकली नोट (₹1,00,000) और विष्णु के पास से 500-500 के 188 नकली नोट (₹94,000) बरामद किए गए।
इस पर थाना सदर बल्लभगढ़ में विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया। पूछताछ में योगेश और विष्णु ने खुलासा किया कि उन्होंने फरवरी के पहले सप्ताह में पंजाब के खन्ना शहर से ₹3 लाख के नकली नोट खरीदे थे, जिसके बदले ₹1 लाख असली दिए गए थे। उन्होंने बताया कि इन नकली नोटों में से ₹1.06 लाख के नोट पहले ही मार्केट में चला दिए गए थे।
जेल में बना अपराध का कनेक्शन
विष्णु ने बताया कि वह पहले रोहतक जेल में 420 के एक मामले में बंद था, जहां उसकी मुलाकात सौरभ (निवासी वार्ड नंबर 5, अमलोह, फतेहगढ़ साहिब, पंजाब) से हुई। जेल से रिहा होने के बाद सौरभ ने उसे अपने साथी प्रगट (निवासी खन्ना, लुधियाना) से मिलवाया। प्रगट ने बताया कि उसका दोस्त शुभम उर्फ शिवा के पास नकली नोट हैं जो हूबहू असली जैसे दिखते हैं और बाजार में आसानी से चला दिए जाते हैं।
इस सुराग के आधार पर पुलिस ने 2 अप्रैल को सौरभ, प्रगट और शुभम उर्फ शिवा को गिरफ्तार कर पुलिस रिमांड पर लिया। पूछताछ में शुभम ने खुलासा किया कि वह अपने साथी राजेश उर्फ बबलू (निवासी गुरु हरिकिशन कॉलोनी, खन्ना, पंजाब) के साथ मिलकर नकली नोट छापता है।
4 अप्रैल को हुई बड़ी गिरफ्तारी
पुलिस ने 4 अप्रैल को राजेश उर्फ बबलू को भी गिरफ्तार किया। उसके पास से एक लैपटॉप, प्रिंटिंग मशीन, नकली नोट छापने की डाई और अन्य उपकरण बरामद किए गए। साथ ही ₹6 लाख के नकली नोट भी जब्त किए गए।
फिलहाल पुलिस की पूछताछ जारी है और इस रैकेट से जुड़े अन्य लोगों की तलाश की जा रही है।