फरीदाबाद:बल्लभगढ़ 1857 के स्वतंत्रता संग्राम में बल्लभगढ़ सियासत के राजा नाहर सिंह के अग्रणी पंक्ति में रहे उनकी सेना के कमांडर भूरा सिंह वाल्मीकि,गुलाब सिंह सैनी व खुशहाल सिंह ने भी राजा नाहर सिंह के साथ कंधे से कंधा मिलाकर अंग्रेजी हुकूमत के दांत खट्टे किये थे। उनके अदम्य साहस और देशभक्ति ने लाखों भारतीयों को प्रेरित किया।
जिसकी गुंज आज सुनाई देती है। 9 जनवरी 1858 को दिल्ली के चांदनी चौक पर अंग्रेजी हुकूमत ने आजादी के मतवाले राजा नाहर सिंह,भूरा सिंह वाल्मीकि व गुलाब सिंह को एक साथ फांसी दे दी गई। उनकी समस्त सम्पत्ति जब्त कर ली। उनके शहादत दिवस पर वाल्मीकि समाज ने उन अमर शहीदों को पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।
इस मौके पर वाल्मीकि अंबेडकर शिक्षा मिशन के जिला अध्यक्ष जयपाल बैनीवाल,नगर पालिका कर्मचारी यूनियन से मनोज बालगहेर, सूरज कुमार, नितिन भगवाना,दीपक भगवाना,शिव भगवाना,अमित बैनीवाल,विनोद दबगुहेर,अमित तुषामड,सुशील,अमित मेवाती व अन्य गणमान्य लोग उपस्थित थे।