फरीदाबाद से बी.आर.मुराद की रिपोर्ट
फरीदाबाद:39वें अंतर्राष्ट्रीय सूरजकुंड क्राफ्ट मेला 2026 में अपणा घर विरासत सांस्कृतिक प्रदर्शनी का उद्घाटन भारत के उप-राष्ट्रपति सी.पी.राधा कृष्णन ने किया। इस अवसर पर उनके साथ हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी,सहकारिता राज्य मंत्री तथा सांसद कृष्णपाल गुर्जर व हरियाणा के सहकारिता एवं पर्यटन मंत्री डा.अरविंद शर्मा,हरियाणा भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष मोहन लाल बडोली भी मौजूद रहे।अपणा घर विरासत सांस्कृतिक प्रदर्शनी में उप-राष्ट्रपति सी.पी.राधाकृष्णन व मेहमानों का स्वागत लोक पारंपरिक तरीके से पगड़ी पहना कर किया गया।
विरासत सांस्कृतिक प्रदर्शनी में पहुंचे सभी मेहमानों ने हरियाणवी लोक जीवन में पुराने समय में प्रयोग किए जाने वाली वस्तुओं जैसे न्यौल,कांटे,घंटियां,ताले,इंढ़ी,लुगदी से बने बोहिये,बीजणे, ताखड़ी,चंगेरी,डायल,जुऐ, ओरणे,हरियाणवी लोक परिधान खारे एवं घाघरे का अवलोकन किया। इस अवसर उप-राष्ट्रपति ने हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को इस प्रदर्शनी के लिए विशेष रूप से बधाई दी।
उन्होंने कहा कि युवाओं को जोड़ने के लिए यह प्रदर्शनी एक सार्थक पहल है। इस अवसर पर विरासत दि हेरिटेज विलेज के संरक्षक डॉ.महासिंह पूनिया ने सभी मेहमानों को इन विषय-वस्तुओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी। हरियाणा सरकार के पर्यटन विभाग की ओर से आयोजित 31 जनवरी से 15 फरवरी 2026 तक चलने वाले सूरजकुंड क्राफ्ट मेला 2026 में विरासत दि हेरिटेज विलेज कुरुक्षेत्र द्वारा‘अपणा घर’की स्थापना की गई है
अपणा घर की प्रदर्शनी में जहां एक ओर लोक पारम्परिक विषय-वस्तुओं को प्रदर्शित किया गया है वहीं पर दूसरी ओर हरियाणवी लोक जीवन में प्रयोग की जाने वाली सैंकड़ों वर्ष पुरानी विषय-वस्तु पर्यटकों के लिए विशेष आकर्षण का केन्द्र बनेंगी। यह जानकारी विरासत दि हेरिटेज विलेज के संरक्षक डॉ.महासिंह पूनिया ने दी। उन्होंने बताया कि पर्यटन विभाग हरियाणा की ओर से आयोजित इस अंतरर्राष्ट्रीय मेले में हरियाणा की लोक सांस्कृतिक विरासत के साक्षात् रूप में दर्शन करने का अवसर मिल रहा है।
इस प्रदर्शनी में लुगदी से बने बोहिये,पित्तल के पुराने बर्तन,लोहे एवं पित्तल की पुरानी बाल्टियां,टांगली और जेली,हरियाणवी लोक परिधान,दरी बनाने के लिए खड्डी,सेल्फी प्वाईंट्स,चरखा,कूंए में प्रयोग किए जाने वाले कांटे एवं बिलाई प्रदर्शित किए गए हैं। इसके साथ ही डोल जिसका प्रयोग कूंए से पानी खींचने के लिए होता रहा है भी प्रदर्शनी का हिस्सा बने हैं। इसके साथ ही चड़स तथा सिंचाई के लिए प्रयोग की जाने वाली ढेंकली विशेष आकर्षण बनी।
डॉ.महा सिंह पूनिया ने बताया कि हरियाणा की पगड़ी का स्टॉल भी युवा पीढ़ी के लिए विशेष आकर्षण का केन्द्र हैं,जिसमें पगड़ी बंधाओ,फोटो खिंचाओं इवेंट का आयोजन किया गया है। इसके साथ ही हरियाणवी संस्कृति के विविध स्वरूप जिसमें चौपाल,खेती-बाड़ी के प्राचीन औजार,तीन सौ साल पुराने ताले,तेल रखने के लिए प्रयोग किए जाने वाला कूपा पर्यटकों के लिए आकर्षण का केन्द्र बना हुआ है।
डा.महासिंह पूनिया ने बताया कि विरासत का उद्देश्य लुप्त होती लोक सांस्कृतक परम्परा से आधुनिक युवा पीढ़ी को जोड़ना है। इस कड़ी में विरासत दि हेरिटेज विलेज 2016 से 2026 तक अंतर्राष्ट्रीय सूरजकुंड क्राफ्ट फेयर में लाखों पर्यटकों तक हरियाणवी संस्कृति की महक पहुंचा चुका है। कार्यक्रम में बल्लभगढ़ से विधायक एवं पूर्व मंत्री मूलचंद शर्मा,बड़खल से विधायक धनेश अदलखा, फरीदाबाद एनआईटी से विद्यालय सतीश फागना, सोहना से विधायक तेजपाल तवर,राई से विधायक कृष्णा गहलावत,नलवा से विधायक रणधीर पनिहार,फरीदाबाद की मेयर प्रवीण जोशी,मोहन लाल बाड़ौली,फरीदाबाद मंडलायुक्त संजय जून,मेला के मुख्य प्रशासक पार्थ गुप्ता,डीसी आयुष सिन्हा,नगर निगम के आयुक्त धीरेंद्र खटखटा,सीपी सतेंद्र कुमार गुप्ता,सूचना जनसंपर्क एवं भाषा विभाग की अतिरिक्त निदेशक वर्षा खांगवाल उपस्थित रहे।