नई दिल्ली:प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश को संबोधित किया। पीएम ने कहा,आज मैं अपनी बहनों और बेटियों से बात करने के लिए आया हूं। पीएम ने अपने संबोधन में कहा कि नारी के दुख में मैं भी दुखी हूं। वो ये भूल रहे हैं कि 21वीं सदी की नारी देश की हर घटना पर नजर रख रही है। वो उनकी मंशा भाप रही हैं और सच्चाई भी भली-भांति जान चुकी है।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महिला आरक्षण बिल के बारे में कहा कि महिलाओं को अधिकार देने वाला यह संशोधन जो 40 वर्षों से लंबित था उन्हें 2029 के लोकसभा चुनावों से ही यह अधिकार प्रदान करने के बारे में था। पीएम ने आगे कहा कि नारी शक्ति वंदन संशोधन 21वीं सदी के भारत की महिलाओं को नए अवसर प्रदान करने,उन्हें नई उड़ान देने और उनके मार्ग में आने वाली बाधाओं को दूर करने के लिए किया गया एक भव्य यज्ञ था।

➡️कांग्रेस को अंग्रेजों से विरासत में मिली राजनीति।
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि कांग्रेस को यह पॉलिटिक्स अंग्रेजों से विरासत में मिली है और कांग्रेस आज भी उसी बैसाखी पर चल रही है।
पीएम ने आगे कहा कांग्रेस ने हमेशा देश में बंटवारे वाली भावनाओं को हवा दी है।इसीलिए यह झूठ फैलाया गया कि परिसीमन से कुछ राज्यों को नुकसान होगा। जबकि सरकार ने पहले दिन से ही यह साफ कर दिया है कि किसी भी राज्य की हिस्सेदारी का अनुपात नहीं बदलेगा,न ही किसी का रिप्रेजेंटेशन कम होगा,बल्कि सभी राज्यों की सीटें बराबर अनुपात में बढ़ेंगी।
➡️देश की आधी आबादी के अधिकार का उत्सव।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महिला आरक्षण विधेयक के बारे में कहा कि महिलाओं को अधिकार देने वाला यह संशोधन,जो 40 वर्षों से लंबित था,उन्हें 2029 के लोकसभा चुनावों से ही यह अधिकार प्रदान करने के बारे में था।
पीएम ने आगे कहा कि नारी शक्ति वंदन संशोधन 21वीं सदी के भारत की महिलाओं को नए अवसर प्रदान करने उन्हें नई उड़ान देने और उनके मार्ग में आने वाली बाधाओं को दूर करने के लिए किया गया एक भव्य यज्ञ था। पीएम मोदी ने बताया यह देश की 50 प्रतिशत यानी आधी आबादी को अधिकार प्रदान करने के लिए,शुद्ध इरादे और ईमानदारी के साथ मनाया गया एक पवित्र उत्सव था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महिला आरक्षण विधेयक के बारे में कहा कि महिलाओं को अधिकार देने वाला यह संशोधन,जो 40 वर्षों से लंबित था,उन्हें 2029 के लोकसभा चुनावों से ही यह अधिकार प्रदान करने के बारे में था। पीएम ने आगे कहा कि नारी शक्ति वंदन संशोधन 21वीं सदी के भारत की महिलाओं को नए अवसर प्रदान करने उन्हें नई उड़ान देने और उनके मार्ग में आने वाली बाधाओं को दूर करने के लिए किया गया एक भव्य यज्ञ था।
➡️पीएम मोदी का कांग्रेस पर हमला।
प्रधानमंत्री मोदी ने कांग्रेस पर हमला करते हुए कहा कि कांग्रेस का एक ही पैटर्न रहा है,झूठ बोलो-भ्रम फैलाओ।
➡️देश की हर घटना पर नजर रख रही 21वीं सदी की नारी।
पीएम मोदी ने देश को संबोधित करते हुए बताया वो ये भूल रहे हैं कि 21वीं सदी की नारी देश की हर घटना पर नजर रख रही है। वो उनकी मंशा भाप रही हैं और सच्चाई भी भलीभांति जान चुकी है।
➡️पीएम ने कहा-विपक्ष के लिए देशहित से बड़ा दलहित।
पीएम ने विपक्ष पर आरोप लगाते हुए कहा कि हमारे लिए देशहित सर्वोपरि है। लेकिन जब कुछ लोगों के लिए दलहित सब कुछ हो जाता है।दलहित देशहित से बड़ा हो जाता है तो नारी शक्ति को,देशहित को…इसका खामियाजा उठाना पड़ता है। इस बार भी यही हुआ है।
➡️स्वार्थी राजनीति का खामियाजा महिलाओं ने भुगता।
पीएम ने कहा कि कांग्रेस, DMK,TMC और समाजवादी पार्टी जैसी पार्टियों की स्वार्थी राजनीति का खामियाजा देश की महिलाओं को भुगतना पड़ा है। कल,पूरे देश में करोड़ों महिलाओं की नजरें संसद पर टिकी थीं। प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि यह देखकर बेहद दुख हुआ कि जब महिलाओं के हित में लाया गया यह प्रस्ताव गिर गया,तो कांग्रेस,DMK,SP और TMC जैसी पार्टियां तालियां बजा रही थीं। महिलाओं के अधिकार छीनकर,वे अपनी मेजें थपथपा रही थीं।
➡️पीएम मोदी ने कहा-नारी शक्ति की उड़ान को रोका।
प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में कहा कि आज भारत का हर नागरिक देख रहा है कि कैसे भारत की नारी शक्ति की उड़ान को रोक दिया गया। उनके सपनों को बेरहमी से कुचल दिया गया। हमारे भरसक प्रयास के बावजूद हम सफल नहीं हो पाए। नारी शक्ति वंदन अधिनियम में संशोधन नहीं हो पाया। इसके लिए मैं देश की माताओं-बहनों से क्षमा प्रार्थी हूं।
➡️नारी अपना अपमान कभी नहीं भूलती
पीएम मोदी ने कहा कि नारी अपना अपमान कभी नहीं भूलती। महिला आरक्षण विधेयक का विरोध करके विपक्ष ने जो पाप किया है उसकी सजा उन्हें जरूर मिलेगी।
➡️राष्ट्र के नाम पीएम मोदी का संबोधन शुरू।
पीएम मोदी राष्ट्र को संबोधित कर रहे हैं। पीएम मोदी महिला आरक्षण से जुड़े बिल के पारित न होने पर देश को संबोधित कर रहे हैं। पीएम ने कहा,नारी शक्ति की उड़ान को रोका गया।