फरीदाबाद से बी.आर. मुराद की रिपोर्ट
फरीदाबाद: हरियाणा पर्यटन निगम में 32 वर्षों तक ईमानदारी और समर्पण से सेवा देने वाले डीजीएम (सेवानिवृत्त) उमा शंकर भारद्वाज के खिलाफ राजनीतिक कारणों से छवि धूमिल करने की कोशिश की जा रही है। सेवानिवृत्ति के अंतिम दिनों में कुछ विभागीय अधिकारियों द्वारा ऐसे आरोप लगाए गए हैं, जो पूरी तरह तथ्यहीन और भ्रामक हैं।
राजनीतिक द्वेष और व्यक्तिगत रंजिश के कारण हो रही साजिश
सूत्रों के अनुसार, कुछ रिटायर्ड और कार्यरत अधिकारी, जो निजी रंजिश और स्वार्थ के चलते नाराज थे, उन्होंने सूरजकुंड में कार्यरत कुछ कर्मचारियों को बहला-फुसलाकर झूठी शिकायतें दर्ज करवाई। इनका मकसद सिर्फ भारद्वाज की साफ-सुथरी छवि को धूमिल करना है।
🎖 32 वर्षों का निष्कलंक सेवा काल
डीजीएम यू एस भारद्वाज का कार्यकाल पूरी तरह विवादों से मुक्त रहा है। उन्होंने निगम में रहते हुए हर ज़िम्मेदारी को निष्ठा और दक्षता से निभाया। उन्हें इंटरनेशनल सूरजकुंड मेले का तीन बार सफल आयोजन करने के लिए नोडल अधिकारी के रूप में नियुक्त किया गया, जहां उन्होंने G20 और SCO जैसे अंतरराष्ट्रीय आयोजनों को सफल बनाया।
सम्मान और पुरस्कारों से हुआ है कार्यों का मूल्यांकन
भारद्वाज को उनके उत्कृष्ट कार्यों के लिए माननीय राज्यपाल द्वारा बेस्ट परफॉर्मेंस अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। 26 जनवरी समारोह में भी फरीदाबाद प्रशासन द्वारा उन्हें सम्मानित किया गया। इसके अतिरिक्त निगम की ओर से उन्हें प्रशंसा पत्र भी प्रदान किए गए।
भाजपा सम्मेलन व अन्य आयोजनों की व्यवस्थाओं में अग्रणी
भारद्वाज के कार्यकाल में कई राष्ट्रीय स्तर के आयोजनों, जिनमें भारतीय जनता पार्टी के सम्मेलन और गृहमंत्रियों का समागम शामिल हैं, का आयोजन सफलतापूर्वक हुआ। इन सभी आयोजनों की व्यवस्थाएं उन्होंने स्वयं संभालीं, जिसके लिए उन्हें प्रशंसा भी प्राप्त हुई।
कर्मचारियों और पर्यटकों के बीच लोकप्रिय चेहरा
अपने मृदुल स्वभाव और शांत व्यवहार के लिए भारद्वाज टूरिज्म विभाग के कर्मचारियों और पर्यटकों दोनों के बीच प्रिय अधिकारी माने जाते हैं। जिस भी पर्यटन केंद्र पर उनकी पोस्टिंग हुई, वहां की सेल रिकॉर्ड स्तर पर बढ़ी।