गोला सहुवाईन के रामलीला पोखरा और चौक बाजार आलू मिल तिराहे पर जला रावण का पुतला, बुराई पर अच्छाई की जीत का दिया संदेश
मीरजापुर। अधर्म पर धर्म, असत्य पर सत्य और बुराई पर अच्छाई की विजय के प्रतीक पावन पर्व विजयादशमी (दशहरा) के अवसर पर अहरौरा क्षेत्र में उत्साह और उल्लास के साथ पर्व मनाया गया। इस अवसर पर विभिन्न स्थानों पर रावण के पुतले का दहन कर लोगों को सत्य, धर्म और सदाचार के मार्ग पर चलने का संदेश दिया गया।
विजयादशमी के पर्व को लेकर क्षेत्र में उत्सवी माहौल देखने को मिला।
इसी क्रम में अहरौरा क्षेत्र के गोला सहुवाईन स्थित रामलीला पोखरा में रावण के पुतले का दहन किया गया। वहीं, चौक बाजार में बाल रामलीला समिति की ओर से आलू मिल की त्रिमुहानी पर रावण दहन का आयोजन किया गया। दोनों स्थानों पर रावण के पुतले का दहन कर विजयादशमी की परंपरा का निर्वहन किया गया। रावण दहन के साथ ही बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश दिया गया।
भगवान श्रीराम की विजय का प्रतीक है विजयादशमी
विजयादशमी का पर्व भगवान श्रीराम की रावण पर विजय की स्मृति में मनाया जाता है। रामायण के अनुसार, भगवान श्रीराम ने रावण का वध कर अधर्म का अंत किया और धर्म की स्थापना का संदेश दिया। इसी परंपरा के तहत प्रत्येक वर्ष दशहरा पर्व पर रावण के पुतले का दहन किया जाता है। यह आयोजन लोगों को संदेश देता है कि बुराई चाहे कितनी भी शक्तिशाली क्यों न हो, अंततः विजय सत्य और धर्म की ही होती है।
बुराइयों को त्यागने का संदेश देता है दशहरा
दशहरा केवल रावण दहन का पर्व नहीं, बल्कि अपने भीतर मौजूद बुराइयों को समाप्त करने का भी प्रतीक है। अहंकार, क्रोध, लोभ, अन्याय और असत्य जैसी प्रवृत्तियों का त्याग कर सदाचार, विनम्रता और मानवता को अपनाना ही इस पर्व का वास्तविक संदेश है। रावण दहन के माध्यम से समाज को यह प्रेरणा मिलती है कि प्रत्येक व्यक्ति को अपने जीवन में सत्य और धर्म का पालन करना चाहिए।
बाल रामलीला समिति के अध्यक्ष कुमार आनंद ने कहा कि विजयादशमी का पर्व हमें भगवान श्रीराम के आदर्शों पर चलने तथा समाज में सत्य, धर्म और मर्यादा को बनाए रखने की प्रेरणा देता है। रामलीला हमारी धार्मिक और सांस्कृतिक परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा है। ऐसे आयोजनों से नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति, धार्मिक मान्यताओं और आदर्शों के बारे में जानने का अवसर मिलता है।
गोला सहुवाईन समिति के अध्यक्ष रजनीश मिश्रा ने बताया कि विजयादशमी बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। रावण दहन के माध्यम से समाज को अहंकार, अन्याय और बुराइयों का त्याग करने का संदेश मिलता है। रामलीला और दशहरा जैसे आयोजन हमारी परंपराओं को जीवित रखने के साथ लोगों में धार्मिक आस्था और सामाजिक सद्भाव की भावना को भी मजबूत करते हैं।
अहरौरा क्षेत्र में गोला सहुवाईन और चौक बाजार में आयोजित रावण दहन के कार्यक्रमों के माध्यम से विजयादशमी की धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपरा को आगे बढ़ाया गया। इस प्रकार क्षेत्र में दशहरा पर्व बुराई पर अच्छाई और अधर्म पर धर्म की विजय के संदेश के साथ मनाया गया।
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर मुस्तैद रही पुलिस
विजयादशमी पर्व के दौरान सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए थानाध्यक्ष अजय मिश्रा और नगर चौकी प्रभारी आशीष कुमार सिंह पुलिस टीम के साथ लगातार क्षेत्र में चक्रमण करते रहे। पुलिस टीम ने रावण दहन स्थलों और आसपास के क्षेत्रों में भ्रमण कर सुरक्षा व्यवस्था पर नजर रखी, जिससे पर्व को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए आवश्यक सतर्कता बरती गई।